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नालासोपारा पूर्व के साड़ी कंपाउंड में जहरीले रसायन का कहर: नाले का पानी हुआ नीला, जैव विविधता पर गहराया संकट |

August 2, 2026 2:59 PM
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नालासोपारा: नालासोपारा पूर्व के पेल्हार स्थित ‘साड़ी कंपाउंड’ इलाके में औद्योगिक लापरवाही का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। क्षेत्र में संचालित कुछ प्लास्टिक व अन्य विनिर्माण कंपनियों द्वारा बिना किसी शोधन (ट्रीटमेंट) के विषैला केमिकल युक्त पानी सीधे खुले नालों में बहाया जा रहा है। इस रासायनिक कचरे की वजह से नाले का पानी पूरी तरह नीले रंग का हो गया है और पूरे इलाके में भयानक दुर्गंध फैल गई है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष है।

पर्यावरण और स्वास्थ्य पर मंडराया गंभीर खतरा

पहाड़ी क्षेत्र की ओर से आ रहे इस पानी में केमिकल मिलाए जाने से इलाके का संतुलन बिगड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि:

  • जैव विविधता को नुकसान: केमिकलयुक्त जहरीले पानी के कारण नाले में मौजूद जलजीवों और आसपास की वनस्पतियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
  • स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: हवा में फैली तीखी रासायनिक दुर्गंध के कारण आसपास के परिवारों में सांस की बीमारियां और स्वास्थ्य संबंधी अन्य परेशानियां बढ़ने की आशंका है।

नागरिकों का आरोप है कि वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) को कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे उद्योगों का मनोबल बढ़ा हुआ है।

MPCB से तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग

स्थानीय निवासियों ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) से गुहार लगाई है कि:

  1. नाले के पानी के सैंपल लेकर तुरंत लैब जांच कराई जाए।
  2. अवैध रूप से केमिकल बहाने वाली कंपनियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
  3. इलाके में प्रदूषण को हमेशा के लिए रोकने हेतु स्थायी व्यवस्था की जाए।

मनपा की लापरवाही पर भड़के भाजपा नेता ब्रमदेव सिंह राजन

इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के नेता ब्रमदेव सिंह राजन ने महानगरपालिका की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने सीधे तौर पर मनपा प्रशासन की लापरवाही को इसका जिम्मेदार ठहराया।

राजन ने मांग की कि दोषी उद्योगों की त्वरित जांच कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, नालों की तुरंत सफाई कराई जाए और प्रदूषण पर सख्त नकेल कसी जाए ताकि भविष्य में ऐसी खतरनाक स्थिति दोबारा न बने।

मनपा अधिकारी ने साधा मौन

मामले में महानगरपालिका का रुख जानने के लिए जब आरोग्य विभाग के सहायक आयुक्त जितेंद्र नाईक से बार-बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और कॉल काट दिया। अधिकारी के इस रवैये के कारण मनपा का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका है।

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