वसई:
वसई पुलिस और अपराध प्रकटीकरण शाखा (Crime Detection Branch) की संयुक्त टीम ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अत्यधिक मूल्यवान और प्रतिबंधित समुद्री पदार्थ ‘एम्बरग्रीस’ (व्हेल मछली की उल्टी) की अवैध तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 2 करोड़ 7 लाख 12 हजार रुपये मूल्य का एम्बरग्रीस, वाहन और मोबाइल जब्त करते हुए कुल 5 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल

पुलिस को गोपनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि जी.जी. कॉलेज परिसर के समीप कुछ तस्कर एम्बरग्रीस की बड़ी खेप की खरीद-बिक्री के लिए आने वाले हैं। इस सूचना के आधार पर वसई पुलिस की टीम ने इलाके में घेराबंदी कर जाल बिछाया और दो संदिग्धों को धर दबोचा। जब उनके बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें से 2 किलोग्राम 58 ग्राम एम्बरग्रीस बरामद हुआ, जिसकी बाजार में कीमत लगभग ₹2.05 करोड़ आंकी गई है।

“एम्बरग्रीस की तस्करी में शामिल गिरोह के तार केरल से जुड़े हैं। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
— वसई पुलिस प्रशासन

केरल से जुड़े तस्करों के तार
हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ के बाद पुलिस को उनके तीन अन्य साथियों की जानकारी मिली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नवघर बस डिपो क्षेत्र में छापेमारी कर तीन और तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से अतिरिक्त एम्बरग्रीस, एक एक्सेस (Access) स्कूटी और मोबाइल फोन समेत कुल ₹2.07 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी यह खेप केरल से वसई बेचने के इरादे से लाए थे।
कड़े कानूनों के तहत मामला दर्ज

वसई पुलिस ने सभी 5 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
यह पूरी सफलता पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शिंदे और पुलिस उपायुक्त अशोक विरकर के कुशल मार्गदर्शन में वसई पुलिस व क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने हासिल की है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस तस्करी नेटवर्क के पीछे वसई और मुंबई में कौन-कौन से मुख्य खरीदार शामिल थे।











