वसई-विरार: शहर की बदहाल, खस्ताहाल और जर्जर सड़कों से त्रस्त नागरिकों ने अब अपना विरोध जताने के लिए एक अनोखा धार्मिक रास्ता अपनाया है। वसई-विरार क्षेत्र में खराब सड़कों से जूझते हुए शिवभक्तों का एक समूह नंगे पांव पैदल चलकर शिवालय पहुंचा और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर शहर के जिम्मेदार अधिकारियों की सद्बुद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना की।
बाबा भोलेनाथ से लगाई गुहार: प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिले सद्बुद्धि

मंदिर में जल अर्पित करने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से प्रार्थना की कि वे वसई-विरार महानगरपालिका के प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को सद्बुद्धि दें।
शिवभक्तों ने कहा कि प्रशासन को करदाताओं (Taxpayers) की तकलीफों का अंदाजा होना चाहिए। उन्होंने ईश्वर से कामना की कि अधिकारियों को शहर की बुनियादी समस्याओं को समझने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की प्रेरणा मिले।
गड्ढों से बेहाल सड़कें, हादसों का बढ़ा खतरा

श्रद्धालुओं ने मीडिया से बात करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की और सड़कों की दयनीय स्थिति पर प्रकाश डाला:
- दैनिक परेशानी: सड़कें किसी भी शहर की प्राथमिक आवश्यकता होती हैं, लेकिन कई प्रमुख इलाकों में सड़क कम और गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं, जिससे आम जनता का चलना दूभर हो गया है।
- मानसून में गंभीर स्थिति: बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से जलजमाव हो जाता है, जिससे रोजाना जानलेवा हादसों की आशंका बनी रहती है।
नागरिक सुविधाओं की मांग को लेकर अनोखा संदेश
शिवभक्तों का यह कदम न केवल उनकी धार्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि नागरिक सुविधाओं में हो रही लापरवाही के खिलाफ एक मौन और प्रभावी विरोध का संदेश भी देता है। स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि इस अनोखी पहल के बाद प्रशासन नींद से जागेगा और सड़कों की मरम्मत के लिए तुरंत कोई ठोस कदम उठाएगा।










