सैय्यद जाहिद अली रियासत
प्रधानाध्यापिका शुभांगी नाईक और वरिष्ठ शिक्षिका शिल्पा कारंडे के शैक्षणिक योगदान, नवाचार और समर्पित सेवाओं को मिला सम्मान
मुंबई। चेंबूर स्थित स्वामी मुक्तानंद हाईस्कूल की प्रधानाध्यापिका श्रीमती शुभांगी गोविंद नाईक और वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती शिल्पा कारंडे को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं समर्पित योगदान के लिए ‘उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया गया।
यह विद्यालय सुभाष नगर एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित है। दोनों शिक्षिकाओं को यह सम्मान लायंस क्लब ऑफ मिडटाउन, डिस्ट्रिक्ट 3231ए1 की ओर से आयोजित पुरस्कार समारोह में प्रदान किया गया।
पूर्व नगर आयुक्त जगन्नाथ हेगड़े ने किया सम्मानित
पुरस्कार समारोह का आयोजन रविवार, 6 सितंबर 2026 को कालाचौकी स्थित शिवाजी विद्यालय, अभ्युदय नगर के बैंक्वेट हॉल में किया गया। मुंबई के पूर्व नगर आयुक्त श्री जगन्नाथ हेगड़े के हाथों दोनों शिक्षिकाओं को पुरस्कार प्रदान किया गया।
इस अवसर पर सुभाष नगर एजुकेशन सोसायटी की शैक्षणिक समन्वयक श्रीमती वीणा दोनवलकर भी उपस्थित थीं।
शुभांगी नाईक के नेतृत्व और शैक्षणिक योगदान की सराहना
प्रधानाध्यापिका शुभांगी गोविंद नाईक ने अपने लंबे शैक्षणिक सेवाकाल में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ स्कूल की शैक्षणिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उनके नेतृत्व, शैक्षणिक नियोजन, शिक्षक-विद्यार्थी समन्वय और विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों के विकास के लिए किए गए कार्यों को विशेष रूप से सराहा गया।
26 वर्षों की सेवा में शिल्पा कारंडे के कई नवाचार
वरिष्ठ शिक्षिका शिल्पा कारंडे ने 26 वर्षों की अध्यापन सेवा के दौरान विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, जिज्ञासा और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने के लिए लगातार कार्य किया है।
ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से ‘विज्ञानभूती की निवड’ उपक्रम में उनके योगदान की भी विशेष रूप से सराहना की गई।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद, पुणे द्वारा आयोजित 2022-23 की राज्य स्तरीय नवाचार प्रतियोगिता में ‘निसर्गायण’ नवाचार के लिए मुंबई विभाग में दूसरा स्थान हासिल हुआ था। महाराष्ट्र के नवाचारों में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने में भी उनके कार्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कोविड काल में भी पर्यावरण जागरूकता पर जोर
कोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन माध्यम से विज्ञान संबंधी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के साथ-साथ विद्यार्थियों की भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई उपक्रम चलाए गए।
इनमें ‘सोने लावा, सोने वाढवा’, ‘कबाड़ से जुगाड़’, ‘कचरा वर्गीकरण’ और ‘पुन: उपयोग’ जैसे उपक्रम शामिल रहे। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति अनुकूल और जिम्मेदार दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया गया।
दोनों शिक्षिकाओं के समर्पित अध्यापन, नवाचारपूर्ण कार्यों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान के लिए मिला यह सम्मान उनके कार्य की उपलब्धि के साथ-साथ स्वामी मुक्तानंद हाईस्कूल और सुभाष नगर एजुकेशन सोसायटी के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।
सैय्यद जाहिद अली रियासत, मुंबई।












