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पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव के लिए वसई-विरार मनपा तैयार, शहर में बनेंगे 128 कृत्रिम तालाब |

September 12, 2026 2:10 PM
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पिछले वर्ष 79 प्रतिशत गणेश प्रतिमाओं का कृत्रिम तालाबों में हुआ विसर्जन, इस बार 18 मोबाइल विसर्जन कुंडों की भी व्यवस्था

वसई-विरार। आगामी गणेशोत्सव को पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए वसई-विरार महानगरपालिका प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन से लेकर सुरक्षा, स्वच्छता, रोशनी, मंडप और मूर्ति परिवहन जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पिछले वर्ष कृत्रिम विसर्जन तालाबों को नागरिकों से मिले सकारात्मक प्रतिसाद को देखते हुए इस बार इनकी संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।

नौ प्रभागों में 128 कृत्रिम विसर्जन तालाब

महापालिका प्रशासन के अनुसार, वसई-विरार शहर के नौ प्रभागों में कुल 128 कृत्रिम विसर्जन तालाब तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक प्रभाग में दो के हिसाब से कुल 18 मोबाइल विसर्जन कुंड भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

महापालिका का उद्देश्य विसर्जन स्थलों पर भीड़ और यातायात का दबाव कम करने के साथ संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और नागरिकों को घर के आसपास सुरक्षित एवं सुविधाजनक विसर्जन सुविधा उपलब्ध कराना है।

बंद पड़ी खदानों में अंतिम विसर्जन की व्यवस्था

कृत्रिम तालाबों में विसर्जित गणेश प्रतिमाओं को अंतिम विसर्जन के लिए बंद पड़ी पत्थर खदानों तक पहुंचाने हेतु विशेष वाहनों की व्यवस्था की गई है।

वहीं, बड़ी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए मारंबल पाडा, किल्ला बंदर, नायगांव, पाचूबंदर, नारिंगी, वर्सोवा खाड़ी जेट्टी और पाणजू सहित विभिन्न जेट्टियों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मधुबन और वालईपाड़ा खदानों पर भी विसर्जन संबंधी व्यवस्थाएं की गई हैं।

प्रमुख विसर्जन स्थलों पर मूर्ति संकलन केंद्र, चिकित्सा सहायता कक्ष, आरती के लिए अलग स्थान, प्रशिक्षित जीवनरक्षक, रोशनी और मंडप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।

पिछले वर्ष 32,877 प्रतिमाओं का हुआ था विसर्जन

महापालिका द्वारा पिछले कुछ वर्षों से पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव को लेकर विशेष जोर दिया जा रहा है। पिछले वर्ष शहर में अलग-अलग दिनों के दौरान कुल 32,877 सार्वजनिक एवं घरेलू गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया था।

इनमें से 25,940 प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में हुआ, जबकि 6,937 प्रतिमाओं का विसर्जन समुद्र तटों अथवा जेट्टियों पर किया गया।

इस तरह पिछले वर्ष कुल विसर्जन में करीब 79 प्रतिशत प्रतिमाएं कृत्रिम तालाबों में विसर्जित की गईं। इसी सकारात्मक रुझान को आगे बढ़ाने के लिए इस वर्ष अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में कृत्रिम तालाबों की संख्या बढ़ाई गई है।

प्राकृतिक जलस्रोतों में विसर्जन पर रोक

उच्च न्यायालय और राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार प्राकृतिक जलस्रोतों में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक है। महापालिका प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करते हुए मनपा द्वारा बनाए गए कृत्रिम तालाबों का ही उपयोग करें।

महापालिका अधिकारियों के मुताबिक गणेशोत्सव के दौरान शहर की सड़कों को खड्डामुक्त रखने, स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष उपाय किए जा रहे हैं।

प्रभागनिहाय कृत्रिम विसर्जन तालाब

प्रभागतालाबों की संख्या
14
बी14
सी23
डी14
17
एफ11
जी16
एच9
आई10
कुल128

मनपा की नागरिकों से अपील

महापालिका प्रशासन ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षित विसर्जन और स्वच्छ शहर के लिए कृत्रिम तालाबों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों से गणेशोत्सव को पर्यावरण अनुकूल बनाने में सहयोग देने का भी आग्रह किया है।

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