स्वर्गीय चक्रवर्ती गणपति नावड़ की 84वीं जयंती पर सांगवेद विद्यालय में हुआ सम्मान समारोह
वाराणसी। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड की पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले मूर्धन्य पत्रकार स्वर्गीय चक्रवर्ती गणपति नावड़ की 84वीं जयंती और श्री गणेश चतुर्थी के अवसर पर सोमवार को रामघाट स्थित सांगवेद विद्यालय में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर काशी के वरिष्ठ पत्रकार एवं कला-संस्कृति पत्रकार राधेश्याम कमल को ‘पत्रकारिता रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह में काशी के प्रसिद्ध वैदिक विद्वान एवं पद्मश्री पं. गणेश्वर शास्त्री द्राविड़ ने राधेश्याम कमल को अंगवस्त्रम, रुद्राक्ष की माला, सम्मानपत्र, दक्षिणा और प्रसाद प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के संयोजक चक्रवर्ती विजय नावड़ ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता में अहिंदी भाषी पत्रकारों के बीच स्वर्गीय चक्रवर्ती गणपति नावड़ का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने कहा कि नावड़ ने जीवन के अंतिम समय तक श्रमजीवी पत्रकार के रूप में हिंदी पत्रकारिता की सेवा की और अपना पूरा जीवन पत्रकारिता के लिए समर्पित कर दिया। उनका जीवन नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने बताया कि स्वर्गीय चक्रवर्ती गणपति नावड़ की स्मृतियों को जीवंत रखने और पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया।
इस अवसर पर इंडियन एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कैलाश सिंह विकास, रवि दवे, अवध पंड्या सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।












