वसई-विरार में 5,778 मूर्तियों का विसर्जन, 4,979 प्रतिमाएं कृत्रिम तालाबों में विसर्जित
वसई-विरार। वसई-विरार शहर महानगरपालिका क्षेत्र में शनिवार, 19 सितंबर 2026 को गौरी-गणपति मूर्ति विसर्जन उत्साह और भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव को बढ़ावा देने के लिए महानगरपालिका की ओर से किए गए आह्वान के बीच बड़ी संख्या में नागरिकों ने प्राकृतिक जलस्रोतों के बजाय कृत्रिम तालाबों में गणेश और गौरी प्रतिमाओं का विसर्जन किया।

महानगरपालिका के अनुसार, गौरी-गणपति विसर्जन के दौरान कुल 5,778 मूर्तियों का विसर्जन किया गया। इनमें से 4,979 मूर्तियों का विसर्जन महानगरपालिका द्वारा बनाए गए कृत्रिम तालाबों में किया गया। वहीं 799 मूर्तियों का विसर्जन जेटी, मोबाइल हौद और बंद पड़ी पत्थर खदानों में उपलब्ध कराई गई व्यवस्था के माध्यम से किया गया।
कृत्रिम तालाबों में बढ़ी नागरिकों की भागीदारी
महानगरपालिका की ओर से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम तालाबों के साथ विसर्जन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। नागरिकों ने इन व्यवस्थाओं का लाभ उठाते हुए गणेश एवं गौरी प्रतिमाओं का कृत्रिम तालाबों में विसर्जन किया।
महानगरपालिका के मुताबिक, पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव को लेकर की जा रही जनजागृति का असर विसर्जन के दौरान दिखाई दिया और नागरिकों ने कृत्रिम तालाबों को प्राथमिकता दी।
विसर्जन स्थलों पर उपलब्ध कराई गईं सुविधाएं
गणेशभक्तों की सुविधा के लिए विभिन्न कृत्रिम तालाबों और विसर्जन स्थलों पर मंडप, आरती स्थल, रोशनी, मूर्ति संकलन केंद्र, निर्माल्य कलश, मेडिकल सहायता कक्ष और सीसीटीवी कैमरों सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।
इसके अलावा नागरिकों को नजदीकी गणेश विसर्जन स्थल की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए महानगरपालिका की ओर से प्रत्येक विसर्जन स्थल का QR कोड आधारित ऑनलाइन Google Location भी उपलब्ध कराया गया।
सातवें दिन और अनंत चतुर्दशी के लिए अपील
महानगरपालिका ने आगामी सातवें दिन और अनंत चतुर्दशी के अवसर पर होने वाले गणेश विसर्जन के दौरान भी नागरिकों से कृत्रिम तालाबों को प्राथमिकता देने की अपील की है।
महानगरपालिका ने नागरिकों से न्यायालय और शासन के निर्देशों का पालन करने तथा प्राकृतिक जलस्रोतों को होने वाली क्षति को रोकने के लिए पर्यावरणपूरक विसर्जन में सहयोग करने का आह्वान किया है।











