मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा—बदलती तकनीक के दौर में युवाओं को लगातार नए कौशल सीखने की जरूरत
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार राज्य के युवाओं को देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बदलती तकनीक के दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को एआई, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में लगातार नए कौशल विकसित करने होंगे।
यह बात मुख्यमंत्री ने एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग की ओर से आयोजित ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय महारोजगार मेले’ के कोंकण और नासिक संभाग के सभी जिलों में ऑनलाइन शुभारंभ के दौरान कही।
28 से अधिक देशों में कुशल मानव संसाधन की मांग का दावा
मुख्यमंत्री के अनुसार दुनिया के 28 से अधिक देशों में कुशल मानव संसाधन की मांग है। महाराष्ट्र के युवाओं को इस वैश्विक रोजगार बाजार से जोड़ने के लिए सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने तकनीकी बदलाव के अनुरूप युवाओं के कौशल विकास पर जोर देते हुए कहा कि रोजगार के बदलते स्वरूप को देखते हुए युवाओं को अपनी क्षमता और कौशल में लगातार वृद्धि करनी होगी।
एक लाख से अधिक युवाओं का पंजीकरण
कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा के अनुसार रोजगार मेले के लिए एक लाख से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया है। इनमें से अब तक 61 हजार युवाओं को सात दिवसीय नि:शुल्क पूर्व-रोजगार प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
सरकार ने कम से कम 70 प्रतिशत युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
12 जिलों में 400 से अधिक रोजगार मेले
कार्यक्रम के तहत कोंकण और नासिक संभाग के 12 जिलों में 400 से अधिक रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजकों के अनुसार इन मेलों में 1,500 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया है और 25 हजार से अधिक रोजगार अवसरों की मांग दर्ज की गई है।
महिला रोजगार पर भी फोकस
महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय में विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इसमें 36 उद्यमियों ने भाग लिया।
इसके साथ ही युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए।
सरकार की ओर से कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता को जोड़ने वाले ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।











