परिवहन समिति की सभी 12 सीटों पर बविआ उम्मीदवार निर्वाचित; भाकप पदाधिकारी कॉ. शेरू वाघ ने उम्मीदवार चयन में चर्चा नहीं होने का लगाया आरोप
वसई-विरार।
वसई-विरार शहर महानगरपालिका की परिवहन समिति के चुनाव के बाद अब राजनीतिक सहयोगी दलों के बीच मतभेद के संकेत सामने आए हैं। 23 सितंबर 2026 को हुई महासभा में परिवहन समिति की 12 सीटों पर बहुजन विकास आघाड़ी (बविआ) के सभी उम्मीदवार निर्वाचित हुए, जबकि भाजपा के 12 उम्मीदवारों को सफलता नहीं मिली।
चुनाव के बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकप) से जुड़े पदाधिकारी कॉ. शेरू वाघ ने आरोप लगाया है कि परिवहन समिति के लिए उम्मीदवारों का चयन करते समय भाकप से कोई विचार-विमर्श नहीं किया गया।
प्रतीक जाधव के नाम पर भी सवाल
परिवहन समिति के लिए बविआ की ओर से प्रस्तावित 12 नामों में प्रतीक राजेंद्र जाधव का नाम शामिल था। आधिकारिक चुनाव संबंधी प्रकाशित सूची में भी प्रतीक जाधव निर्वाचित 12 सदस्यों में शामिल हैं।
भाकप की ओर से इसी चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कॉ. शेरू वाघ का कहना है कि किसी व्यक्ति को उम्मीदवार बनाना बविआ का राजनीतिक निर्णय हो सकता है, लेकिन सहयोगी दल के रूप में भाकप से चर्चा नहीं किए जाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्मार्ट मीटर आंदोलन का भी दिया हवाला
कॉ. शेरू वाघ के अनुसार, स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों के खिलाफ हुए आंदोलनों में भाकप ने बविआ के साथ सक्रिय भूमिका निभाई थी।
उनका कहना है कि जब राजनीतिक और जनहित के आंदोलनों में दोनों दल साथ रहे हैं, तो परिवहन समिति के गठन के दौरान भाकप से विचार-विमर्श नहीं किए जाने से पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक संकेत
कॉ. शेरू वाघ ने कहा कि यदि राजनीतिक गतिविधियों में भाकप को केवल आंदोलन के समय सहयोगी के तौर पर याद किया जाएगा, तो आगामी चुनावों में पार्टी अपनी राजनीतिक ताकत दिखाएगी।
यह बयान भाकप की राजनीतिक नाराजगी और भविष्य की रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इसे आगामी चुनाव के किसी परिणाम की भविष्यवाणी के रूप में नहीं देखा जा सकता।
परिवहन समिति में कौन-कौन निर्वाचित?
23 सितंबर की महासभा में निर्वाचित 12 सदस्यों में किरण तुकाराम ठाकूर, जतिन बालकृष्ण पाटील, प्रतीक राजेंद्र जाधव, नवनाथ संभाजी शिंदे, प्रितेश हरेश्वर पाटील, सागर भालचंद्र पाटील, राजन दीनानाथ पोतदार, दिव्यांक अशोक चौहान, रमाशंकर योगेंद्र मिश्रा, अशोककुमार दत्ता रणखांब, नवनाथ मनसाराम पगारे और मंथन महेश डगली शामिल हैं।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, बविआ के प्रस्ताव के पक्ष में 70 मत पड़े, जबकि भाजपा के प्रस्ताव को 44 मत मिले।
अब परिवहन समिति के गठन के बाद शहर की बस सेवा, यात्री सुविधाओं और परिवहन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर समिति की आगामी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। महानगरपालिका की आधिकारिक वेबसाइट पर भी परिवहन समिति से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
फिलहाल भाकप की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर बविआ की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बविआ का पक्ष सामने आने के बाद दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर इस विवाद की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।










