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“इंजीनियरिंग यानी सोचना और समस्याओं का समाधान करना सीखना है” : महेंद्र मेहता |

September 25, 2026 12:58 PM
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VCET वसई में ‘तंत्रज्ञानारंभ 2026-27’ परिचय कार्यक्रम आयोजित, करीब 1,500 प्रथम वर्ष के विद्यार्थी हुए शामिल

वसई।

विद्यावर्धिनी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (VCET), वसई में प्रथम वर्ष के इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए ‘तंत्रज्ञानारंभ 2026-27’ परिचय कार्यक्रम का आयोजन 22 सितंबर 2026 को राजणी सभागृह में किया गया। दो सत्रों में आयोजित कार्यक्रम में करीब 1,500 विद्यार्थी और बड़ी संख्या में अभिभावक शामिल हुए।

महाराष्ट्र गीत और दीप प्रज्वलन से शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत महाराष्ट्र गीत और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष विकास वर्तक, उपाध्यक्ष पांडुरंग नाईक, कोषाध्यक्ष हसमुखभाई शाह, प्राचार्य डॉ. राकेश हिमते, डीन डॉ. विकास गुप्ता, प्रथम वर्ष समन्वयक डॉ. सुनयना जाधव, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी प्रा. संकेत पाटील और प्रा. प्रफुल्ल पाटील सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

महेंद्र मेहता ने विद्यार्थियों से किया संवाद

सुबह के सत्र में पार्ले ग्लोबल टेक्नोलॉजीज के CEO एवं MD महेंद्र मेहता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक, नवाचार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के बारे में जानकारी दी।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महेंद्र मेहता ने कहा, “इंजीनियरिंग यानी सोचना और समस्याओं का समाधान करना सीखना है।”

उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ समस्या समाधान की क्षमता और बदलती तकनीकी दुनिया के अनुरूप स्वयं को तैयार करने पर जोर दिया।

अनिल अंबारडेकर ने साझा किए औद्योगिक अनुभव

दोपहर के सत्र में वसई इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा ट्रिनिटी ऑटो इंजीनियरिंग प्रा. लि. के संस्थापक, MD एवं CEO अनिल अंबारडेकर ने विद्यार्थियों से संवाद किया।

उन्होंने उद्योग जगत से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्र के बीच संबंधों की जानकारी दी।

कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों की दी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. राकेश हिमते ने संस्थान की शैक्षणिक यात्रा, NAAC मानांकन, Outcome-Based Education तथा विभिन्न शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी दी।

वहीं, डीन डॉ. विकास गुप्ता ने विद्यार्थियों से कॉलेज में उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न उपक्रमों का सक्रिय रूप से लाभ उठाने का आह्वान किया।

प्रथम वर्ष समन्वयक डॉ. सुनयना जाधव ने विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम और शैक्षणिक नियोजन के बारे में जानकारी दी।

राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम का समापन प्रा. चंद्रकिशोरी सोनारकर के आभार प्रदर्शन और राष्ट्रगान के साथ हुआ।

आयोजकों के अनुसार, ‘तंत्रज्ञानारंभ 2026-27’ कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को कॉलेज के शैक्षणिक वातावरण, सुविधाओं और इंजीनियरिंग शिक्षा की दिशा से परिचित कराना था। आयोजकों ने कहा कि कार्यक्रम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और उत्साह के साथ उनके इंजीनियरिंग सफर की सकारात्मक शुरुआत हुई।

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