पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्राकृतिक आपदा के कारण महावितरण (MSEDCL) की बिजली वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जिले के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में अंधेरा छा गया है, जिसे सामान्य करने के लिए प्रशासन और महावितरण की टीमें युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं।
भारी तबाही: 1.01 करोड़ रुपये का बिजली ढांचा क्षतिग्रस्त
22 से 24 जुलाई 2026 के दौरान हुई मूसलाधार बारिश के चलते जिले में भारी नुकसान दर्ज किया गया है:
- खंभों का गिरना: 52 उच्चदाब (HT) और 45 निम्नदाब (LT) मिलाकर कुल 97 बिजली के खंभे धराशायी हो गए।
- तारों को नुकसान: लगभग 6.24 किलोमीटर एचटी और 2.50 किलोमीटर एलटी बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
- उपकरण प्रभावित: 6 वितरण बिंदु (DP), 25 वितरण ट्रांसफॉर्मर केंद्र (DTC) और 10 ऊर्जा फीडर ठप पड़ गए हैं।
महावितरण के शुरुआती आकलन के अनुसार, इस बारिश से बिजली के बुनियादी ढांचे को 1.01 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान पहुंचा है।
युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य जारी, शुक्रवार शाम तक बिजली लौटने की उम्मीद
महावितरण की आपातकालीन टीमें आच्छाड, आमगांव, सावरोली, बोर्डी, अशागढ़, दापचरी और डोलारपाड़ा उपकेंद्रों के तहत आने वाले गांवों में लगातार काम कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, यदि मौसम साथ देता है तो अधिकांश प्रभावित इलाकों में शुक्रवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
हालांकि, जांबुगांव और निंबाळपाड़ा जैसे क्षेत्रों में भारी जलभराव और अधिक खंभे टूटने के कारण आपूर्ति सामान्य होने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है।
प्रशासन मुस्तैद: नागरिकों के लिए अलर्ट जारी
पालघर की जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष डॉ. इंदू रानी जाखड़ ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि आपदा प्रबंधन दल और महावितरण की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त तकनीकी दल तैनात किए गए हैं।
सुरक्षा की अपील: जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। लोग टूटे हुए बिजली के तारों, गिरे हुए खंभों और जलभराव वाले विद्युत उपकरणों के पास न जाएं। किसी भी अप्रिय घटना या शिकायत की स्थिति में तुरंत निकटतम महावितरण कार्यालय या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।







