सड़क, फ्लाईओवर, ROB और कनेक्टिविटी परियोजनाओं को Phase-I में प्राथमिकता
वसई। वसई विधानसभा क्षेत्र में सड़क, फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और कनेक्टिविटी से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को गति देने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया गया है। MMRDA के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।

80 फीसदी से अधिक भूमि अधिग्रहण वाली सड़कें Phase-I में
बैठक में तय किया गया कि जिन प्रस्तावित सड़कों के लिए 80 प्रतिशत से अधिक भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर Phase-I में शामिल किया जाएगा।
इसके तहत वसई विधानसभा क्षेत्र की वसई फाटा से वसई रेलवे स्टेशन और बापाने फाटा से नायगांव पूर्व रेलवे स्टेशन मार्ग को प्राथमिकता मिलने की संभावना है। संबंधित अधिकारियों को इन परियोजनाओं की आवश्यक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

भुईगांव कनेक्टर से NH-48 तक बनेगा संपर्क मार्ग
भुईगांव कनेक्टर को मुख्य मार्ग के जरिए सीधे NH-48 से जोड़ने की मांग विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखी थी। इस सड़क का डिजाइन तैयार कर प्रस्ताव महानगरपालिका को भेजा जा चुका है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि भुईगांव कनेक्टर से NH-48 तक प्रस्तावित संपर्क मार्ग को MSRDC के माध्यम से विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसका उद्देश्य विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय और निधि से जुड़ी अड़चनों के कारण परियोजना में देरी की संभावना को कम करना है।

अर्नाळा-किला पुल के प्रस्ताव पर सकारात्मक चर्चा
अर्नाळा और अर्नाळा किले को जोड़ने वाले प्रस्तावित पुल को लेकर भी बैठक में सकारात्मक चर्चा हुई। अधिकारियों को इस परियोजना के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा वसई क्षेत्र में प्रस्तावित फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज (ROB) परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। भूमि अधिग्रहण से जुड़ी बड़ी बाधा नहीं होने के कारण इन्हें भी Phase-I में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

बेहतर कनेक्टिविटी से विकास को मिलेगी गति
बैठक में लिए गए फैसलों से वसई क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। विधायक स्नेहा दुबे पंडित के जनसंपर्क कार्यालय के अनुसार, बढ़ती आबादी की जरूरतों को देखते हुए बेहतर सड़क व्यवस्था, सुगम कनेक्टिविटी और मजबूत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय और प्रयास जारी रहेंगे।











