विरार: वसई तालुका के मांडवी स्थित जिला परिषद स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी और बुनियादी सुविधाओं के बदहाल रवैये से आक्रोशित अभिभावकों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। नाराज अभिभावकों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

जर्जर भवन और डेढ़ साल से एक ही शिक्षक के भरोसे 100% आदिवासी बच्चे

अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल भवन की कक्षाओं की स्थिति बेहद जर्जर और खतरनाक हो चुकी है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्कूल में दो शिक्षकों के पद स्वीकृत होने के बावजूद पिछले डेढ़ साल से सिर्फ एक ही शिक्षक के भरोसे पहली से चौथी कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई चल रही है। इससे यहाँ पढ़ने वाले 100 प्रतिशत आदिवासी समाज के मासूम बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।

गेट के बाहर लगी कक्षाएं, शिक्षा विभाग की अनदेखी से बढ़ा गुस्सा
अभिभावकों के अनुसार, उन्होंने इस विषय में शिक्षा विभाग से बार-बार गुहार लगाई, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। सोमवार को स्कूल में ताला लग जाने के बाद शिक्षकों को मजबूरन विद्यार्थियों की कक्षाएं स्कूल परिसर के बाहर खुले में संचालित करनी पड़ीं।

मांगें पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
विरोध प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने शासन-प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द अतिरिक्त शिक्षक की तैनाती और भवन की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे सीधे शिक्षा अधिकारी के कार्यालय का घेराव करेंगे और वहीं बच्चों का स्कूल लगाकर बड़ा आंदोलन करेंगे।










