वसई: वसई तालुका की वैतरणा खाड़ी में बेधड़क चल रहे अवैध रेत उत्खनन (Sand Mining) के खिलाफ राजस्व विभाग के जिला गौण खनिज उड़न दस्ते ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। नायब तहसीलदार चंद्रकांत पवार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मौके पर अवैध उत्खनन में प्रयुक्त की जा रही नाव और भारी-भरकम सक्शन पंपों को आग के हवाले कर खाड़ी में डुबो दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
नाकाम रहीं धमकियां, उड़न दस्ते ने मौके पर ही नष्ट किए उपकरण
जिलाधिकारी और जिला खनिकर्म अधिकारी के सख्त निर्देशों पर अंजाम दी गई इस कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग की टीम को रोकने और उन पर दबाव बनाने की भी कोशिश की गई। सूत्रों के मुताबिक, रेत माफियाओं से जुड़े कुछ लोगों ने अधिकारियों को डराने-धमकाने का प्रयास किया, लेकिन उड़न दस्ते ने बिना किसी दबाव के अपनी कार्रवाई जारी रखी।
राजस्व विभाग द्वारा की गई प्रमुख कार्रवाइयां:
- नाव और उपकरण नष्ट: बिना अनुमति अवैध रूप से रेत निकालने के काम में लगी लोहे की बड़ी नाव और उच्च क्षमता वाले सक्शन पंप को पहले आग लगाकर जलाया गया, फिर उसे पूरी तरह से खाड़ी में डुबो दिया गया ताकि उसका दोबारा इस्तेमाल न हो सके।
- वाहन जब्त: खाड़ी क्षेत्र के आसपास अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे 2 ट्रकों को रंगे हाथ पकड़ा गया। इसके अलावा पत्थरों की अवैध तस्करी में लगे 1 अन्य ट्रक को भी मौके से जब्त किया गया।
रेत तस्करों के खिलाफ आगे भी जारी रहेगा अभियान
पर्यावरण को नुकसान पहुंचाकर वैतरणा खाड़ी से प्राकृतिक संसाधनों की लूट करने वालों पर राजस्व विभाग का यह कड़ा प्रहार एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि खाड़ी क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध उत्खनन और परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।











