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‘गैर-हिंदू ठेकेदारों को गणेशोत्सव का काम न दिया जाए’ मांग पर सियासत गरम |

September 13, 2026 2:48 PM
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भाजपा नेता की मांग का बविआ, शिवसेना ठाकरे गुट और कांग्रेस ने किया विरोध; कांग्रेस ने पुलिस शिकायत की मांग की

वसई-विरार: गणेशोत्सव से पहले वसई-विरार में गणेशोत्सव से जुड़ी व्यवस्थाओं के काम को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के गुटनेता एवं पूर्व नगरसेवक अशोक शेलके द्वारा गणेशोत्सव से संबंधित व्यवस्थाओं का काम गैर-हिंदू ठेकेदारों को नहीं देने की मांग किए जाने के बाद बहुजन विकास आघाड़ी (बविआ), शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और कांग्रेस ने इसका विरोध किया है।

महानगरपालिका आयुक्त को पत्र देकर की मांग

अशोक शेलके ने वसई-विरार महानगरपालिका आयुक्त को पत्र देकर मांग की थी कि गणेश विसर्जन के लिए मंडप, बैरिकेडिंग और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े काम गैर-हिंदू समुदाय के लोगों को नहीं दिए जाने चाहिए।

शेलके का तर्क है कि गणेशोत्सव धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील पर्व है। उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग राज्यों से काम के लिए आने वाले गैर-हिंदू श्रमिकों की पर्याप्त जानकारी प्रशासन के पास नहीं होने की स्थिति में भविष्य में कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या पैदा हो सकती है।

बविआ ने बताया प्रचार पाने की कोशिश

इस मांग का बहुजन विकास आघाड़ी ने विरोध किया है। बविआ नगरसेवक एवं स्थायी समिति सभापति प्रवीण शेट्टी ने शेलके की मांग को केवल प्रचार पाने की कोशिश बताया।

उन्होंने कहा कि वसई-विरार में विभिन्न धर्मों के लोग लंबे समय से आपसी भाईचारे के साथ गणेशोत्सव मनाते आए हैं।

शिवसेना ठाकरे गुट ने भी उठाए सवाल

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के जिलाध्यक्ष प्रथमेश राऊत ने भी अशोक शेलके के बयान को गलत बताया।

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह विषय इतना महत्वपूर्ण था, तो गणेशोत्सव से पहले आयोजित हुई महानगरपालिका की महासभाओं में भाजपा के नगरसेवकों ने इस मुद्दे को क्यों नहीं उठाया।

कांग्रेस ने पुलिस में शिकायत की मांग की

वसई-विरार जिला कांग्रेस कमिटी ने भी भाजपा नेता की मांग का विरोध किया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष निलेश पेंढारी ने कहा कि इस तरह के बयानों से शहर के सामाजिक सौहार्द पर असर पड़ सकता है और धार्मिक तनाव तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति पैदा होने की आशंका रहती है।

कांग्रेस ने अशोक शेलके के खिलाफ मीरा-भाईंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय में शिकायत दर्ज करने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि इस तरह के बयान धार्मिक उन्माद पैदा करने और शहर की शांति भंग करने का कारण बन सकते हैं।

गणेशोत्सव से पहले स्थानीय राजनीति में नई बहस

गणेशोत्सव से ठीक पहले सामने आए इस विवाद ने वसई-विरार की स्थानीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर भाजपा नेता ने धार्मिक आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर अपनी मांग रखी है, तो दूसरी ओर बविआ, शिवसेना ठाकरे गुट और कांग्रेस ने इसे सामाजिक सौहार्द के खिलाफ बताते हुए विरोध जताया है।

अब इस मामले में प्रशासन और पुलिस की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

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