वाराणसी: विश्वप्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में आगामी सावन महीने के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में काशी व्यापार प्रतिनिधिमंडल ‘न्याय मंच’ के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसीपी (ACP) दशाश्वमेध से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सावन मास में लागू होने वाली प्रशासनिक, सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही, स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक सुझाव भी प्रशासन के सामने रखे।
स्थानीय निवासियों को पहचान पत्र के आधार पर मिले आवागमन की छूट

प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुखता से मांग उठाई कि गेट नंबर-1 के समीप स्थित नीची ब्रह्मपुरी और कोतवालपुरा क्षेत्र के करीब 65 मकानों में 500 से अधिक स्थानीय निवासी रहते हैं। सावन के दौरान सुरक्षा घेरा कड़ा होने के कारण इन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। न्याय मंच ने सुझाव दिया कि इन नागरिकों को उनके वैध पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस आदि) को देखकर क्षेत्र में सुगम आवागमन की अनुमति दी जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी से न जूझना पड़े।
व्यापारियों के सम्मान और गंभीर मरीजों की आपातकालीन सेवा का रखा ध्यान

व्यापारियों के हितों की बात रखते हुए प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से अनुरोध किया कि सावन मेले के दौरान क्षेत्र के सभी सम्मानित व्यापारियों को सम्मानपूर्वक आने-जाने की सुविधा सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यह भी मांग की गई कि क्षेत्र में यदि कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार होता है, तो उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस या अन्य आवश्यक वाहनों को बिना किसी बाधा के प्रवेश और निकास की अनुमति दी जानी चाहिए।
इन प्रमुख पदाधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक का नेतृत्व संगठन के अध्यक्ष सोनालाल सेठ ने किया। इस अवसर पर व्यापारियों और स्थानीय जनता की समस्याओं को मजबूती से रखने के लिए वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार सिंह, राजेश सोनी, केसरी नंदन उपाध्याय, मनोज सिंह और राजेश गुप्ता सहित संगठन के कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।









