वसई: वसई-विरार शहर महानगरपालिका क्षेत्र में तेजी से चल रहे आवासीय और बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) प्रोजेक्ट्स अब आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बनते जा रहे हैं। निर्माण स्थलों पर बरती जा रही घोर लापरवाही के कारण शहर की प्रमुख सड़कों पर मिट्टी, गाद और सीमेंट मिश्रित गंदा पानी फैल रहा है। इसके चलते सड़कें बेहद फिसलन भरी हो गई हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए हादसों का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
सड़कों पर फैला कीचड़, नालें भी हो रहे जाम
स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण सामग्री ढोने वाले भारी वाहनों (डंपरों) के पहियों में लिपटी मिट्टी सीधे मुख्य सड़कों तक पहुंच रही है। कई जगहों पर पाइलिंग कार्य से निकलने वाला कीचड़ सीधे सड़कों पर बहाया जा रहा है। नालासोपारा पश्चिम के पानबाई नगर इलाके में स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि सड़क पर चलना तक दूभर हो गया है। नागरिकों के अनुसार, यह समस्या किसी एक इलाके की नहीं, बल्कि पूरे वसई, विरार और नालासोपारा में आम हो चुकी है।
इसके अलावा, निर्माण स्थलों का मलबे वाला गाद और कचरा पास के नालों में समा रहा है, जिससे जल निकासी (ड्रैनेज) व्यवस्था ठप पड़ रही है। हल्की सी बारिश में भी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे भविष्य में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका बढ़ गई है।
डेवलपर्स पर नियम ताक पर रखने का आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बिल्डर्स और डेवलपर्स सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। न तो निर्माण स्थलों पर सुरक्षा जाल (ग्रीन नेट) लगाए जा रहे हैं और न ही वाहनों को सड़क पर उतारने से पहले उनके पहियों की सफाई की जा रही है। आक्रोशित नागरिकों ने महानगरपालिका से मांग की है कि ऐसे लापरवाह डेवलपर्स पर तत्काल भारी जुर्माना लगाया जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
मनपा की चेतावनी: जारी किए जा रहे हैं नोटिस
इस गंभीर समस्या पर प्रतिक्रिया देते हुए महानगरपालिका के घनकचरा एवं स्वच्छता विभाग के सहायक आयुक्त जितेंद्र नाइक ने कहा कि सड़कों पर कीचड़ फैलने को लेकर कई शिकायतें मिली हैं। प्रशासन इसे गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संबंधित डेवलपर्स को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आवश्यकता पड़ने पर काम रोकने तथा दंडात्मक कार्रवाई से भी परहेज नहीं किया जाएगा।








