वसई: वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVMC) की लगातार हो रही दंडात्मक कार्रवाई के खिलाफ फेरीवालों (रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं) ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। नालासोपारा सब्जी बाजार में आयोजित ‘फेरीवाला बचाव संघर्ष समिति’ की विशेष बैठक में आगामी 5 अगस्त को मनपा मुख्यालय के खिलाफ एक बड़े और निर्णायक आंदोलन का बिगुल फूंक दिया गया है। समिति ने क्षेत्र के सभी फेरीवालों से एकजुट होकर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की जोरदार अपील की है।
‘कानून बनने के बावजूद हो रही अवैध कार्रवाई’
बैठक को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति की अध्यक्ष रुपाली पवार और सचिव कॉमरेड शेरू वाघ ने मनपा प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मनपा की रोज-रोज की कार्रवाई से हजारों गरीब परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ‘स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण एवं सड़क विक्रय विनियमन) अधिनियम-2014’ लागू किए जाने के बावजूद, महानगरपालिका फेरीवालों को हॉकर्स जोन (Hawkers Zone) देने के बजाय उनके खिलाफ गैर-कानूनी तरीके से कार्रवाई कर रही है।
‘अब सिर्फ आश्वासन नहीं, कानून का क्रियान्वयन चाहिए’
आंदोलन की चेतावनी देने से पहले समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने महापौर और उपमहापौर से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखी थीं। हालांकि, मनपा अधिकारियों की ओर से केवल मौखिक आश्वासन ही मिला। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वे खोखले आश्वासनों से मानने वाले नहीं हैं। उनकी मुख्य मांग है कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट-2014 को शहर में तत्काल और पूरी तरह से लागू किया जाए। जब तक ठोस धरातल पर कदम नहीं उठाए जाते, आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
विभिन्न बाजारों में चलेगा जनजागरण अभियान
बैठक में उपाध्यक्ष श्रीराज घोणे, संजना सिंह, इमरान सिद्दीकी सहित कई प्रमुख पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में रेहड़ी-पटरी विक्रेता उपस्थित रहे। फेरीवाला बचाव संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि मनपा प्रशासन ने समय रहते उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो 5 अगस्त का प्रदर्शन बेहद उग्र रूप ले सकता है। इसके लिए शहर के विभिन्न बाजारों में जनजागरण अभियान भी शुरू किया जा रहा है।








