वसई-विरार:
वसई-विरार शहर महानगरपालिका के घनकचरा प्रबंधन विभाग द्वारा शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देने के लिए ‘घनकचरा प्रबंधन नियम-2026’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक विशेष मार्गदर्शन व जनजागरण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में महापौर अजीव पाटील, मनपा आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. (आईएएस), कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न व्यावसायिक संस्थानों के प्रतिनिधि तथा स्वयंसेवी संगठन शामिल हुए।
कौन हैं ‘बल्क वेस्ट जनरेटर’?
बैठक के दौरान मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निम्नलिखित श्रेणियों में आने वाले संस्थान ‘बल्क वेस्ट जनरेटर’ (BWGs) माने जाएंगे:
- कचरे की मात्रा: प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थान।
- क्षेत्रफल: 20,000 वर्गफुट या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले परिसर।
- पानी की खपत: प्रतिदिन 40,000 लीटर से अधिक पानी का उपयोग करने वाले संस्थान।
ऐसे सभी संस्थानों को अब अपने स्तर पर ही गीला, सूखा, स्वच्छता संबंधी (Sanitary) और विशेष श्रेणी के कचरे का 100% पृथक्करण (Sorting) और वैज्ञानिक निस्तारण करना अनिवार्य होगा।
“कचरा पृथक्करण अपनाने वाली हाउसिंग सोसायटियों को संपत्ति कर में 5% की छूट दी जा रही है, जिसे भविष्य में बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।”
— पृथ्वीराज बी.पी., आयुक्त (वसई-विरार मनपा)
वैज्ञानिक तकनीकों और कर (Tax) में छूट पर जोर
विशेषज्ञों ने बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों को कंपोस्टिंग और बायोगैस जैसी वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से गीले कचरे के स्थानीय प्रसंस्करण और सूखे कचरे के रीसाइक्लिंग की जानकारी दी।
- प्रोत्साहन: आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. ने बताया कि ऑन-साइट कचरा प्रसंस्करण करने वाली सोसायटियों को संपत्ति कर (Property Tax) में 5% की छूट दी जा रही है, जिसे आगे और बढ़ाया जा सकता है।
- सहयोग का आश्वासन: महापौर अजीव पाटील ने विश्वास दिलाया कि नियमों के अनुपालन में आने वाली किसी भी समस्या के समाधान के लिए मनपा प्रशासन पूरी तरह सहयोग करेगा।
30 दिनों की समय सीमा और दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी
महानगरपालिका ने सभी संबंधित संस्थानों को 30 दिनों के भीतर अपने कचरा प्रबंधन की रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज जमा करने का सख्त निर्देश दिया है। इसके साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा में नियमों का पालन न करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर्स के खिलाफ नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।








