---Advertisement---

अतिवृष्टि से राहत: पालघर और वसई-विरार के बाढ़ पीड़ितों के लिए महाराष्ट्र सरकार का बड़ा आर्थिक पैकेज |

August 4, 2026 11:01 AM
---Advertisement---

जुलाई 2026 में पालघर जिले और वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में हुई रिकॉर्डतोड़ मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई थी। इस प्राकृतिक आपदा और बाढ़ से प्रभावित हजारों परिवारों को संबल देने के लिए महाराष्ट्र सरकार आगे आई है। राज्य के सहायता एवं पुनर्वसन विभाग ने 3 अगस्त 2026 को एक विशेष शासनादेश जारी कर प्रभावित नागरिकों के लिए बड़े आर्थिक सहायता पैकेज का ऐलान किया है। सरकार के इस राहत भरे कदम के लिए वसई-विरार के महापौर अजीव पाटिल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का धन्यवाद व्यक्त किया है।

महापौर की पहल पर मिली आर्थिक मंजूरी

वसई-विरार के महापौर अजीव पाटिल ने जानकारी दी कि 4 से 8 जुलाई के दौरान हुई भारी बारिश के कारण शहर जलमग्न हो गया था। इस दौरान नागरिकों के घरों, दुकानों, पशुधन और आजीविका को व्यापक नुकसान पहुंचा। महापौर ने लगातार चार दिनों तक प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लिया और मुख्यमंत्री से मिलकर विशेष पैकेज की मांग की। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 जुलाई को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई, जिसके बाद अब आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।

घरेलू नुकसान पर 20 हजार रुपये, पानी भरे रहने की शर्त खत्म

शासन के नए फैसले के मुताबिक, बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक पात्र परिवार को कपड़ों के नुकसान के एवज में 10,000 रुपये और बर्तन व घरेलू सामान के नुकसान के लिए 10,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे। इस प्रकार प्रति परिवार कुल 20,000 रुपये की सीधी मदद मिलेगी। राहत की बात यह भी है कि सहायता प्राप्त करने के लिए पूर्व में लागू ’48 घंटे तक घर में पानी भरे रहने’ की अनिवार्य शर्त को समाप्त कर दिया गया है।

मकानों और झुग्गियों के नुकसान पर मुआवजा

  • पूर्ण क्षतिग्रस्त मकान (पक्के/कच्चे): ₹1.50 लाख
  • 50% क्षति होने पर: ₹50,000
  • 25% क्षति होने पर: ₹25,000
  • 15% क्षति होने पर: ₹15,000
  • घोषित झुग्गियों में क्षतिग्रस्त झोपड़ियां: ₹15,000

व्यापारियों, दुकानदारों और कारीगरों को भी संबल

बाढ़ से प्रभावित छोटे कारोबारियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। पंचनामा के आधार पर वास्तविक नुकसान का 75% या फिर दुकानदारों को अधिकतम ₹50,000 और टपरी संचालकों को ₹10,000 तक का मुआवजा मिलेगा। इसके अलावा, हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक कारीगरों को भी अधिकतम ₹50,000 तक की सहायता दी जाएगी।

पशुपालकों, किसानों और मछुआरों के लिए राहत राशि

  • दुधारू पशु की मृत्यु पर: ₹40,000 प्रति पशु
  • बड़े कार्यकारी पशु पर: ₹32,000 | छोटे कार्यकारी पशु पर: ₹20,000
  • बकरी, भेड़ और सूअर पर: ₹4,000 प्रति पशु
  • पोल्ट्री फार्मिंग: ₹100 प्रति पक्षी (अधिकतम ₹10,000)
  • मछुआरे: नौकाओं और जालों के नुकसान पर भी आर्थिक सहायता दी जाएगी।

सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होगी राशि

सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में पंचनामा प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी। सहायता राशि पारदर्शी तरीके से सीधे पीड़ितों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की जाएगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लाभार्थियों की सूची और सहायता का ब्योरा जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाएगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories

Leave a Comment