वसई-विरार: शहर की जर्जर सड़कों और लगातार हो रहे गड्ढों के विरोध में चल रहा ‘सड़क सत्याग्रह’ आंदोलन अब और अधिक उग्र रूप लेता जा रहा है। हाल ही में आंदोलनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल और वसई-विरार महानगरपालिका के आयुक्त पृथ्वीराज के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक पूरी तरह बेनतीजा रही। बैठक के दौरान आंदोलनकारियों ने शहर अभियंता (सिटी इंजीनियर) प्रदीप पचंगे के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई, जिसे आयुक्त ने कानूनी सीमाओं का हवाला देते हुए खारिज कर दिया।
‘जबरन इस्तीफा लेना मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं’ — आयुक्त
बैठक में आयुक्त पृथ्वीराज ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रशासनिक अधिकारी से जबरन इस्तीफा लेना उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात है। हालांकि, उन्होंने नागरिकों की तकलीफों को स्वीकार करते हुए शहर में सड़कों की मरम्मत का काम तेजी से जारी रखने और गुणवत्तापूर्ण सुधार का भरोसा दिलाया। लेकिन आंदोलनकारी इस आश्वासन से संतुष्ट नजर नहीं आए और उन्होंने इस पैचवर्क व्यवस्था को पूरी तरह से नकार दिया।
जनता के पैसों की बर्बादी और प्रशासनिक विफलता
‘सड़क सत्याग्रह’ के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि हर साल मानसूनी बारिश में सड़कें पूरी तरह बह जाती हैं और बार-बार पैचवर्क के नाम पर जनता के टैक्स का करोड़ों रुपया बर्बाद किया जाता है। आंदोलनकारियों का कहना है कि बैठक के दौरान खुद आयुक्त ने माना कि सड़कों की इस बदहाली के लिए केवल एक अधिकारी (प्रदीप पचंगे) नहीं, बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था ही जिम्मेदार है। आंदोलनकारियों ने आयुक्त के इस बयान को अपनी मांगों और आरोपों की नैतिक पुष्टि बताया है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी: थर्ड पार्टी ऑडिट और ब्लैकलिस्टिंग की मांग
वार्ता विफल होने के बाद ‘सड़क सत्याग्रह’ टीम ने आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। प्रतिनिधियों ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित सख्त मांगें रखी हैं:
- जवाबदेही तय हो: बदहाल सड़कों के लिए पूरे नगर निगम प्रशासन की सीधी जवाबदेही तय की जाए।
- ठेकेदारों पर कार्रवाई: घटिया निर्माण करने वाले और घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने वाले ठेकेदारों को तुरंत ‘ब्लैकलिस्ट’ किया जाए।
- थर्ड पार्टी ऑडिट: शहर की सभी प्रमुख सड़कों का निष्पक्ष और स्वतंत्र ‘थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट’ कराया जाए।
- पद से हटाने की मांग: शहर अभियंता प्रदीप पचंगे को सिटी इंजीनियर के पद से हटाने की मांग पर आंदोलनकारी अभी भी अडिग हैं।








