नालासोपारा क्राइम ब्रांच (अपराध प्रकटीकरण शाखा कक्ष-4) ने मादक पदार्थ तस्करी के एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट पर बड़ी स्ट्राइक की है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में चल रही एक अवैध एमडी (मेफेड्रॉन) ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में पुलिस ने अब तक 21 आरोपियों को दबोचा है और कुल 139 करोड़ रुपये का माल जब्त किया है।

नालासोपारा से शुरू हुई जांच, प्रयागराज तक पहुंची तार इस बड़े नेटवर्क का सुराग 24 जून 2026 को मिला, जब नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर से अविनाश उर्फ सोनू अय्यर और रविकांत राम को 112 ग्राम एमडी के साथ गिरफ्तार किया गया था। वसई-विरार पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक के मार्गदर्शन में जब क्राइम ब्रांच ने गहन जांच शुरू की, तो इसके तार मुंबई, नालासोपारा, कल्याण, जळगांव, गुजरात और उत्तर प्रदेश से जुड़ते चले गए। जांच में गुजरात के कच्छ जिले में भी एक अवैध ड्रग फैक्ट्री का पता चला।

139 करोड़ का माल और लैब उपकरण बरामद तकनीकी सर्विलांस के आधार पर नालासोपारा पुलिस की टीम प्रयागराज के मेजा (कोसड़ा कला) इलाके में पहुंची, जहां किराए की कृषि भूमि पर बने शेड में एमडी तैयार की जा रही थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने:

- 69 किलो 759 ग्राम एमडी ड्रग्स (प्रयागराज लैब से ही 52.93 किलो एमडी बरामद)
- 18.70 लाख रुपये नकद
- 260 लीटर घातक रसायन (MMA, एसीटोन, HCl, क्लोरोफॉर्म)
- हाई-टेक लैब उपकरण (हीटिंग मेंटल, फ्लास्क, थर्मामीटर आदि)
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच शुरू पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह एक संगठित गिरोह है जो कच्चे माल की सप्लाई से लेकर एमडी निर्माण और राष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स की बिक्री तक का पूरा नेटवर्क चला रहा था। नालासोपारा क्राइम ब्रांच अब इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच कर रही है।










