नालासोपारा (पालघर): उत्तराखंड में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर (FIR) से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। बुधवार शाम नालासोपारा पूर्व के ओस्तवाल नगरी इलाके में वसई-विरार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक विशाल और उग्र जन-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
राजनीतिक द्वेष का लगाया आरोप वसई-विरार कांग्रेस अनुसूचित जाति (SC) प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रामदास वाघमारे के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में पार्टी के वरिष्ठ नेता रवि भूषण सिंह सहित भारी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना है कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज किया गया मामला पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। केंद्र सरकार जांच एजेंसियों और पुलिस का गलत इस्तेमाल करके विपक्ष की बुलंद आवाज को दबाने की नाकाम कोशिश कर रही है।
इलाके में गरमाया राजनीतिक पारा ओस्तवाल नगरी में हुए इस बड़े प्रदर्शन से क्षेत्र में अचानक राजनीतिक हलचल तेज हो गई। हाथों में पार्टी का झंडा लिए कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश जताया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने बयान दिया कि लोकतंत्र में स्वस्थ आलोचना का स्थान होना चाहिए, लेकिन सरकार जनहित के मुद्दों का जवाब देने के बजाय विपक्षी नेताओं को फर्जी मामलों में उलझाकर निशाना बना रही है।
FIR वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज इस अन्यायी एफआईआर को वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी ने प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र का ध्यान भी आकर्षित किया।










