---Advertisement---

धारावी सेक्टर-6 में बिना अनुमति निर्माण और निवासियों पर दबाव का आरोप; स्वतंत्र जांच की मांग |

October 5, 2026 4:08 PM
---Advertisement---

मुंबई। धारावी पुनर्वसन परियोजना के सेक्टर-6 में आवश्यक शासकीय अनुमतियां लिए बिना निर्माण शुरू होने का आरोप सामाजिक कार्यकर्ता संजय रमेश भालेराव ने लगाया है। उन्होंने मांग की है कि संबंधित प्रशासनिक लिखित आदेशों का पालन हुआ है या नहीं, निर्माण के लिए कौन-कौन सी अनुमतियां दी गई हैं और क्या स्वीकृत नक्शों के अनुसार काम शुरू हुआ है, इसकी स्वतंत्र जांच कर दस्तावेज जनता के सामने सार्वजनिक किए जाएं।

भालेराव के अनुसार, धारावी का संपूर्ण मास्टर प्लान और सेक्टर-वार नक्शे अभी तक निवासियों के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उनका कहना है कि नागरिकों के सुझाव और आपत्तियां दर्ज कर उन पर सुनवाई की पारदर्शी प्रक्रिया भी नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि नागरिकों का पुनर्वास कहां होगा, घर कब मिलेगा और उनके अधिकारों की लिखित गारंटी क्या है, यह स्पष्ट किए बिना घर खाली करने के लिए दबाव बनाना उचित नहीं है।

‘घर के बदले घर’ के आश्वासन पर सवाल

भालेराव ने दावा किया कि संबंधित विकासक ने अनुबंध प्रक्रिया के दौरान निवासियों को घर के बदले घर यानी ‘की टू की’ पुनर्वास का आश्वासन दिया था। हालांकि, उनके अनुसार अब किराए के चेक स्वीकार कर घर खाली करने के लिए दबाव डाले जाने की शिकायतें निवासियों की ओर से सामने आ रही हैं।

उन्होंने मांग की कि विकासक को अनुबंध करने के लिए कौन से अधिकार और मंजूरी दी गई है, अनुबंध का आधिकारिक स्वीकृत नमूना कौन सा है और स्थायी पुनर्वास की जिम्मेदारी किसकी होगी, इसका लिखित खुलासा प्रशासन करे।

अधिकारों की मांग करने वाले नागरिकों को ‘असहयोग करने वाला’ न ठहराने की मांग

भालेराव के अनुसार, घर के बदले घर और सुरक्षित वैकल्पिक निवास की मांग करने वाले कुछ निवासियों को पुनर्वास-विरोधी या ‘असहयोग करने वाले झोपड़ाधारक’ कहा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे रिकॉर्ड के आधार पर किराया कम करने अथवा अन्य सुविधाओं से वंचित रखने की धमकियां भी दी जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि पुनर्वास का स्थान, पात्रता और अनुबंध की शर्तों को लेकर सवाल पूछना परियोजना का विरोध करना नहीं है और नागरिकों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए।

शालिमार इंडस्ट्री में बुलाकर दबाव डालने का आरोप

भालेराव के अनुसार, कुछ निवासियों को छुट्टी के दिन माटुंगा लेबर कैंप स्थित शालिमार इंडस्ट्री में बुलाकर किराए के चेक स्वीकार करने और घर खाली करने के लिए दबाव डाला जा रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तोड़फोड़ से जुड़े कर्मचारी सुबह-शाम बार-बार परिसर में आ रहे हैं, जिससे नागरिकों में भय का माहौल है।

भालेराव ने निजी व्यक्तियों द्वारा धमकी या दमन की शिकायतों की पुलिस से स्वतंत्र जांच कराने और सबूतों के आधार पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापनों पर सुनवाई और लिखित निर्णय की मांग

भालेराव ने बताया कि निवासियों ने संबंधित विकासक के साथ-साथ महेंद्र कल्याणकर, बिपिन पालीवाल और श्रीमती स्नेहल रहाटे को ज्ञापन देकर PAP फ्लैट या उचित वैकल्पिक निवास उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

उन्होंने मांग की कि प्रत्येक आवेदन पर लागू नीति और पात्रता के अनुसार निर्णय लिया जाए और उसके कारण लिखित रूप में दिए जाएं।

उन्होंने शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन को विकासक के पक्ष के साथ-साथ निवासियों का पक्ष भी दर्ज कर निष्पक्ष सुनवाई करनी चाहिए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया में खबरें प्रकाशित न हों, इसके लिए विकासक से जुड़े मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा कुछ संपादकों और मालिकों पर दबाव डाला जा रहा है। भालेराव ने इन आरोपों की भी स्वतंत्र जांच की मांग की।

भालेराव की प्रमुख मांगें

  1. सेक्टर-6 में निर्माण की अनुमतियां, स्वीकृत नक्शे और संबंधित प्रशासनिक आदेश सार्वजनिक किए जाएं तथा उल्लंघन पाए जाने पर काम रोककर कार्रवाई की जाए।
  2. संपूर्ण मास्टर प्लान और सेक्टर-वार नक्शे प्रकाशित किए जाएं तथा नागरिकों के सुझाव और आपत्तियों पर सुनवाई हो।
  3. ‘की टू की’ आश्वासन पर स्पष्ट लिखित रुख अपनाया जाए और स्थायी घर व वैकल्पिक निवास की शर्तें अनुबंध में स्पष्ट की जाएं।
  4. किराया कटौती या सुविधा रोकने का आधार सार्वजनिक किया जाए और संबंधित निवासियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए।
  5. धमकी, जबरदस्ती और तोड़फोड़ के लिए दबाव की शिकायतों की स्वतंत्र जांच की जाए।
  6. धारावी परियोजना के लिए स्वतंत्र, पूर्णकालिक आईएएस स्तर के विशेष कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति कर नियमित जनसुनवाई और शिकायत निवारण व्यवस्था शुरू की जाए।

संजय रमेश भालेराव ने कहा कि धारावी के निवासियों को सम्मान के साथ, सुरक्षित तरीके से और स्पष्ट लिखित गारंटी के साथ पुनर्वास मिलना चाहिए। उन्होंने निवासियों की शिकायतों की सुनवाई और निजी व्यक्तियों द्वारा कथित दबाव पर रोक लगाने की मांग की।

नोट: इस खबर में निर्माण, दबाव, धमकी और मीडिया पर कथित दबाव से जुड़े आरोप संजय रमेश भालेराव द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार में नहीं की गई है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment