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महाराष्ट्र में ‘संविधान का राज या जंगलराज?’ आदिवासी छात्रों पर कार्रवाई को लेकर वर्षा गायकवाड का सरकार पर हमला |

October 5, 2026 4:22 PM
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मुंबई। आदिवासी छात्रों के आंदोलन और मुंबई के दादर स्थित कांग्रेस कार्यालय तिलक भवन में पुलिस कार्रवाई के आरोपों को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में विवाद बढ़ गया है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड ने महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए सवाल उठाया कि राज्य में संविधान का राज है या जंगलराज। Prabhasakshi

कांग्रेस के अनुसार, नासिक से मुंबई पहुंचे आदिवासी छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले थे और रात में तिलक भवन में रुके थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सोमवार तड़के पुलिस ने कार्यालय में प्रवेश कर कुछ छात्रों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। Jagran

हालांकि, मुंबई पुलिस ने कांग्रेस के इस दावे को खारिज किया है। पुलिस के अनुसार, तिलक भवन से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया और लोक भवन की ओर प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर अलग-अलग स्थानों से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। Jagran

वर्षा गायकवाड ने तिलक भवन का दौरा कर छात्रों से मुलाकात की और उनके हालचाल जाने। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्र अपनी मांगों को लेकर मुंबई आए हैं और सरकार को उनके साथ बातचीत करनी चाहिए थी।

गायकवाड ने आरोप लगाया कि छात्रों को आंदोलन करने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन करना सभी का अधिकार है और सरकार को छात्रों की मांगें सुननी चाहिए।

उन्होंने पुलिस के कांग्रेस कार्यालय में प्रवेश को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि यदि कांग्रेस कार्यालय में पुलिस भेजी जा सकती है तो क्या कांग्रेस मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘वर्षा’ में प्रवेश करे। यह बयान उनके राजनीतिक विरोध के संदर्भ में था। Rediff

कांग्रेस के अनुसार, आदिवासी छात्र आश्रम स्कूलों और छात्रावासों में बुनियादी सुविधाओं, छात्रवृत्ति तथा आदिवासी विकास विभाग से जुड़ी अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कुछ छात्र नासिक से मुंबई पहुंचे और आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति मांग रहे थे। Prabhasakshi

वर्षा गायकवाड ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार को उनसे संवाद करना चाहिए।

MPSC छात्रों के आंदोलन का भी मुद्दा उठाया

वर्षा गायकवाड ने पुणे में चल रहे MPSC अभ्यर्थियों के आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली और उसकी विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए तथा सरकार से प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के साथ संवाद करने की मांग की। Prabhasakshi

उन्होंने MPSC अध्यक्ष को मुख्यमंत्री का मित्र बताए जाने संबंधी आरोप भी लगाए और कहा कि इस वजह से कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जाता है। यह दावा गायकवाड द्वारा लगाया गया आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।

वहीं, आदिवासी छात्रों के आंदोलन को लेकर कांग्रेस ने अपना समर्थन जारी रखने की बात कही है। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि कार्रवाई प्रस्तावित मार्च के संदर्भ में की गई थी और तिलक भवन से गिरफ्तारी का दावा सही नहीं है। Jagran

नोट: इस खबर में वर्षा गायकवाड और कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों को आरोप के रूप में प्रस्तुत किया गया है। पुलिस की ओर से तिलक भवन से गिरफ्तारी के दावे का खंडन किया गया है।

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