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पालघर में ‘दिखेंगे तो बचेंगे’ अभियान: आवारा गौवंश के गले में लगी रिफ्लेक्टिव बेल्ट, सड़क दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम |

June 3, 2026 2:03 PM
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बारिश के मौसम में बढ़ते हादसों को रोकने के लिए इनर व्हील क्लब और बजरंग दल का अनोखा पहल

पालघर। मानसून के दिनों में कम दृश्यता और फिसलन भरी सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाएं अक्सर बड़ी समस्या बन जाती हैं। इसी समस्या को देखते हुए इनर व्हील क्लब ऑफ पालघर और बजरंग दल ने मिलकर एक अनोखा और समाजोपयोगी अभियान शुरू किया है। इस अभियान का नाम “दिखेंगे तो बचेंगे” रखा गया है, जिसके तहत शहर की आवारा गायों और बैलों के गले में रिफ्लेक्टिव कॉलर बेल्ट बांधी गई हैं।

300 रिफ्लेक्टिव कॉलर बेल्ट का वितरण

इस अभियान के तहत इनर व्हील क्लब ऑफ पालघर की ओर से कुल 300 रिफ्लेक्टिव कॉलर बेल्ट उपलब्ध कराई गई हैं। बारिश के मौसम में धुंध, तेज बारिश और कम रोशनी के कारण वाहन चालकों को सड़क पर घूम रहे पशु अक्सर देर से दिखाई देते हैं, जिससे बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। रिफ्लेक्टिव कॉलर बांधने के बाद रात के समय वाहनों की हेडलाइट की रोशनी में ये पशु दूर से ही दिखाई देने लगेंगे। इससे वाहन चालकों को समय पर ब्रेक लगाने का मौका मिलेगा और संभावित हादसों को रोका जा सकेगा।

गौ संरक्षण और सड़क सुरक्षा का अनोखा संगम

इनर व्हील क्लब ऑफ पालघर की अध्यक्षा एडवोकेट विनिता पाटिल ने बताया कि गौ संरक्षण और सड़क सुरक्षा दोनों ही समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं। इन दोनों मुद्दों को एक साथ जोड़कर यह अभियान शुरू करने की योजना लंबे समय से बनाई जा रही थी। समाज के लिए सकारात्मक और प्रभावी कार्य करने के उद्देश्य से इस परियोजना को धरातल पर उतारा गया है।

बजरंग दल और सामाजिक संस्थाओं का मिला साथ

इस अभियान में इनर व्हील क्लब की सचिव आसिफून धनानी, पूर्व अध्यक्षा प्रीति शाह, अनिशा शाह, स्वाती पाटिल के साथ-साथ बजरंग दल के numerous कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजकों ने सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस तरह के जनहितकारी अभियानों में आगे बढ़कर हिस्सा लें और समाज के लिए काम करें।

“दिखेंगे तो बचेंगे” का संदेश

“दिखेंगे तो बचेंगे – सुरक्षित सड़कें, सुरक्षित जीवन” के संदेश पर आधारित यह अभियान पालघर में सामाजिक जिम्मेदारी, सड़क सुरक्षा और पशु कल्याण का एक मिसाल बनकर सामने आया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार इस तरह के उपायों से रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

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