वसई-विरार:
वसई-विरार शहर के लाखों नागरिकों को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए मंजूर हुई ₹250 करोड़ की ‘मल्टी स्पेशलिटी सरकारी अस्पताल’ परियोजना का निर्माण कार्य अब तक शुरू न होने पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। परिवर्तन फाउंडेशन के सचिव शिवप्रताप सिंह सोमवंशी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन सौंपकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर तत्काल काम शुरू कराने की पुरजोर मांग की है।
35 लाख आबादी के पास आधुनिक सरकारी अस्पताल का अभाव
ज्ञापन में वसई-विरार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा गया कि शहर की आबादी आज 35 लाख से अधिक हो चुकी है। इसके बावजूद यहाँ के लोगों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों या मुंबई के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
- 2 साल पहले मिली थी मंजूरी: राज्य सरकार ने लगभग दो वर्ष पूर्व वसई-विरार में इस 250 करोड़ रुपये के मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को मंजूरी दी थी।
- फंड भी हुआ था जारी: परियोजना के लिए ₹25 करोड़ की शुरुआती धनराशि भी आवंटित की जा चुकी है।
- मुफ्त जमीन उपलब्ध: निर्माण के लिए ‘अचोले गांव’ के सर्वे नंबर 6 की सरकारी जमीन निःशुल्क उपलब्ध कराई जा चुकी है।
इसके बावजूद, प्रशासनिक ढिलाई के चलते जमीन पर अब तक एक ईंट भी नहीं रखी जा सकी है।
महंगे निजी इलाज से गरीब और मध्यम वर्ग परेशान
परिवर्तन फाउंडेशन ने ध्यान दिलाया कि निजी अस्पतालों में इलाज के लगातार बढ़ते खर्च के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की कमर टूट रही है। ऐसे में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस सरकारी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का शुरू होना आम जनता की जीवन-रक्षा के लिए बेहद जरूरी हो गया है।
संस्था ने की निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग
शिवप्रताप सिंह सोमवंशी ने मुख्यमंत्री से निम्नलिखित मुख्य मांगों पर तुरंत फैसला लेने की अपील की है:
- अचोले स्थित प्रस्तावित भूमि पर अस्पताल का निर्माण तुरंत शुरू कराया जाए।
- स्वीकृत ₹25 करोड़ की राशि का पारदर्शी और शीघ्र इस्तेमाल हो।
- दो साल की देरी के कारणों की उच्चस्तरीय जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
- वसई-विरार की जनता को जल्द से जल्द आधुनिक व रियायती दरों पर चिकित्सा सुविधाएं दी जाएं।
संस्था ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार जनहित के इस संवेदनशील मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करने का आदेश जारी करेगी।





