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फर्जी RTO ई-चालान से रहें सावधान: MBVV साइबर सेल ने जारी की एडवाइजरी, लिंक पर क्लिक करते ही खाली हो सकता है बैंक खाता |

July 21, 2026 3:36 PM
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मीरा-भायंदर/वसई-विरार:

यदि आपके मोबाइल पर भी RTO चालान के भुगतान से जुड़ा कोई संदेश आया है, तो सतर्क हो जाइए! मीरा भायंदर-वसई विरार (MBVV) पुलिस आयुक्तालय की साइबर सेल ने नागरिकों को फर्जी RTO ई-चालान के नाम पर हो रही साइबर ठगी को लेकर एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।

साइबर अपराधी इन दिनों “RTO e-Challan Pending”, “Traffic Violation Detected” या “Pay Fine Now” जैसे झांसा देने वाले SMS, व्हाट्सएप और ईमेल भेजकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।

फर्जी APK फाइल और लिंक से हैकिंग का खतरा

साइबर सेल ने खुलासा किया है कि इन मैसेज के साथ दिए जाने वाले लिंक या “RTO Challan” नाम की APK फाइलों के जरिए बड़ा फ्रॉड किया जा रहा है:

  • मोबाइल हैकिंग: अज्ञात लिंक पर क्लिक करते ही या APK फाइल इंस्टॉल करते ही आपका मोबाइल फोन हैक हो सकता है।
  • डेटा की चोरी: इसके बाद ठग आपके बैंक अकाउंट डिटेल्स, UPI क्रेडेंशियल्स और अन्य निजी जानकारी चुराकर खाते से पैसे उड़ा देते हैं।

साइबर सेल की महत्वपूर्ण सलाह: क्या करें और क्या न करें?

सुरक्षा के दृष्टिकोण से MBVV पुलिस ने नागरिकों के लिए कुछ कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • संदिग्ध लिंक से बचें: किसी भी अनजान मैसेज, व्हाट्सएप लिंक या QR कोड के जरिए ई-चालान का भुगतान न करें।
  • गोपनीय जानकारी न बाँटें: अपना OTP, बैंक कार्ड विवरण, ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन पंजीकरण (RC) की जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति से साझा न करें।
  • संदिग्ध ऐप हटाएं: यदि गलती से भी मोबाइल में कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड हो गया है, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल करें।

चालान की जाँच और भुगतान का सही तरीका

साइबर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ट्रैफ़िक चालान की स्थिति की जाँच करने और भुगतान करने का एकमात्र सुरक्षित माध्यम आधिकारिक चैनल ही हैं:

  1. भारत सरकार के आधिकारिक Parivahan (परिवहन) वेब पोर्टल पर जाएँ।
  2. केवल mParivahan आधिकारिक मोबाइल ऐप का ही उपयोग करें।

ठगी होने पर क्या करें?

“यदि कोई व्यक्ति साइबर फ्रॉड का शिकार होता है, तो बिना समय गंवाए तुरंत 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी पुलिस स्टेशन के साइबर सेल से संपर्क करें।” — MBVV साइबर सेल

इसके साथ ही, पुलिस ने हाउसिंग सोसायटियों और व्हाट्सएप ग्रुप एडमिनों से भी अपील की है कि वे अपने ग्रुप्स में ऐसे फर्जी मैसेज न फैलने दें और लोगों में जागरूकता बढ़ाएं।

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