कोकण में मानसून का आगमन
पिछले कई दिनों से लोग जिस मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, उसने आखिरकार शनिवार को कोकण क्षेत्र में दस्तक दे दी है। मानसून के कोकण पहुंचने के बाद अब वसई-विरार के नागरिकों में इस बात को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं कि उनके शहर में बारिश का मौसम कब शुरू होगा।
प्री-मानसून बारिश से मिली थी राहत
सप्ताह की शुरुआत में वसई-विरार में लगातार दो-तीन दिनों तक तड़के सुबह प्री-मानसून गतिविधियों के तहत हल्की बारिश हुई थी। इन फुहारों से लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिली थी और तेज धूप का असर भी कम हुआ था। हालांकि, गुरुवार से मौसम का मिजाज फिर बदल गया है। तेज धूप, गर्म हवाओं और बढ़ती उमस ने एक बार फिर आम जनता को परेशान कर दिया है, जिसके कारण सभी की निगाहें अब मानसून पर टिकी हैं।
मौसम विभाग की रिपोर्ट: केरल से कोकण तक का सफर

मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल मानसून पिछले वर्ष की तुलना में तीन दिन की देरी से 4 जून को केरल तट पर पहुंचा था। इसके बाद मानसूनी हवाओं ने तेजी से उत्तर की ओर रुख किया और 5 जून तक कर्नाटक, तमिलनाडु और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों को अपने दायरे में ले लिया। गोवा और अरब सागर के कुछ क्षेत्रों में भी मानसून सक्रिय हो चुका है और अब शनिवार तक इसने कोकण में प्रवेश कर लिया है।
मुंबई और वसई-विरार में कब होगी बारिश?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर कोकण में दस्तक देने के बाद मानसून बहुत जल्द मुंबई और उत्तर कोंकण के तटीय इलाकों में सक्रिय हो जाता है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले कुछ ही दिनों में मुंबई के साथ-साथ वसई-विरार में भी मानसून की पहली बारिश देखने को मिल सकती है।
बिजली कटौती ने बढ़ाई मुश्किलें

एक तरफ जहां लोग भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लगातार हो रही बिजली कटौती ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं। शहर के कई इलाकों में ट्रांसफॉर्मर फुंकने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। दिन में दो से तीन घंटे तक बिजली गुल रहने के कारण लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बिना पंखे और कूलर के उमस भरी गर्मी सहन करना मुश्किल हो रहा है, जिससे नागरिकों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।






