डहाणू तालुका के ओसरविरा गांव में लंबे समय से चल रही पेयजल की समस्या का समाधान हो गया है। प्रशासन ने आंदोलन से पहले ही बोरवेल खुदाई करवाकर गांव में पानी की व्यवस्था कर दी है। इससे ग्रामीणों में खुशी की लहर है।
लंबे समय से जूझ रहे थे पेयजल संकट से
ओसरविरा गांव में पानी की भारी किल्लत थी। इस समस्या के कारण गांव की महिलाओं को रोजाना पानी लाने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती थी। पेयजल के अभाव से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया था।
भाकपा का प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी
जब यह मामला भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कार्यकर्ता कॉमरेड विलास शिंगडा के संज्ञान में आया, तो पार्टी ने इसे गंभीरता से उठाया। तालुका सचिव कॉमरेड किरण दुबला और सह सचिव कॉमरेड शिवप्रसाद कांबले ने पंचायत समिति डहाणू की गटविकास अधिकारी पल्लवी सस्ते को पत्र लिखा। पत्र में 24 जुलाई 2026 को आंदोलन करने की चेतावनी दी गई थी।
रातों-रात खुदा बोरवेल, ग्रामीणों में खुशी
भाकपा की ओर से आंदोलन की चेतावनी मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। 19 जून 2026 की रात गांव में बोरवेल की खुदाई की गई और पेयजल की व्यवस्था शुरू कर दी गई। पानी की समस्या सुलझने से गांव में खुशी का माहौल है।
प्रशासन के प्रति जताया आभार, संघर्ष जारी रखने का ऐलान
समस्या के त्वरित समाधान के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने गटविकास अधिकारी पल्लवी सस्ते का आभार व्यक्त किया है। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाओं के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।







