मुंबई: महाराष्ट्र के वरिष्ठ शिक्षाविद, पूर्व विधायक और सामाजिक मुद्दों के प्रखर चिंतक प्रोफेसर बी.टी. देशमुख के निधन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके निधन से महाराष्ट्र ने एक संघर्षशील और अध्ययनशील नेता खो दिया है, जबकि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अपना एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक खो दिया है।
शिक्षकों और कर्मचारियों के अधिकारों के लिए लड़ी लंबी लड़ाई
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि प्रोफेसर बी.टी. देशमुख ने अमरावती स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद में पांच बार प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने शिक्षकों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाई। सिंचाई, पेयजल, क्षेत्रीय विकास और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को भी उन्होंने विधान परिषद में मजबूती से रखा।
विदर्भ के विकास और अमरावती विश्वविद्यालय की स्थापना में अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदर्भ के विकास में मौजूद असंतुलन को दूर करने के लिए बी.टी. देशमुख ने हमेशा उल्लेखनीय लड़ाई लड़ी। अमरावती विश्वविद्यालय की स्थापना में भी उनका बहुत बड़ा योगदान रहा। विधान परिषद में उनके द्वारा दिए गए भाषण आज भी नए जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
राज्य सरकार का परिवार के साथ मजबूत समर्थन
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार और पूरा महाराष्ट्र उनके परिवार के साथ खड़ा है। उनके द्वारा किए गए कार्य और समाज के लिए उनका समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।






