वसई: वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को पेयजल के मामले में बड़ी राहत मिली है। महानगरपालिका द्वारा बिना ओसी (ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट) वाले मकानों में नल कनेक्शन के लिए भवन को अवैध बताने वाला शपथपत्र जमा करने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। स्थानीय नागरिकों के लगातार विरोध के बाद मनपा प्रशासन ने यह अहम फैसला लिया है।
शपथपत्र की शर्त से नागरिकों में था रोष
जानकारी के अनुसार, महानगरपालिका ने पहले नल कनेक्शन के आवेदन के साथ ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट न होने पर भवन को अवैध घोषित करने वाला शपथपत्र अनिवार्य कर दिया था। इस नई शर्त के कारण स्थानीय नागरिकों में काफी नाराजगी थी। नागरिकों का मानना था कि इस नियम के चलते कई परिवारों को नल कनेक्शन मिलने में अनावश्यक दिक्कतें आ रही हैं, जिसे लेकर उन्होंने जमकर विरोध किया था।
52 गांवों और पुराने निर्माणों पर लागू नहीं होगी शर्त
नागरिकों के विरोध को देखते हुए अब जलापूर्ति विभाग ने इस नियम में संशोधन किया है। हाल ही में संपन्न हुई महासभा में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह शपथपत्र की शर्त मनपा क्षेत्र में शामिल 52 गांवों और पुराने निर्माणों पर बिल्कुल लागू नहीं होगी। यानी इन क्षेत्रों के लोगों को अब नल कनेक्शन के लिए अवैध निर्माण का शपथपत्र देने की जरूरत नहीं होगी।
हजारों परिवारों की पेयजल समस्या का होगा समाधान
महानगरपालिका के इस नए फैसले से क्षेत्र के हजारों स्थानीय परिवारों को सीधा फायदा होगा। लंबे समय से चली आ रही पेयजल की समस्या के समाधान का रास्ता साफ हो गया है और अब स्थानीय भूमिपुत्र बिना किसी परेशानी के नल कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे।





