विरार। वसई-विरार महापालिका की महासभा के लाइव प्रसारण को बंद किए जाने को लेकर शहर की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष ने इस कदम को पारदर्शिता के खिलाफ बताते हुए सत्तारूढ़ दल पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पारदर्शिता खत्म करने का आरोप
विपक्ष के नेता मनोज पाटिल ने महापौर अजीव पाटिल और सत्तारूढ़ बहुजन विकास आघाड़ी यानी बीवीए पर पारदर्शिता खत्म करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि महासभा का लाइव प्रसारण बंद करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए सही नहीं है।
नागरिकों के अधिकारों पर असर
मनोज पाटिल का तर्क है कि लाइव प्रसारण बंद होने से आम नागरिकों का अपना प्रतिनिधि और पालिका का कामकाज देखने का अधिकार प्रभावित हुआ है। उनका आरोप है कि पालिका के कामकाज और कथित अनियमितताओं को जनता की नजरों से दूर रखने के लिए ही यह फैसला लिया गया है।
तत्काल बहाल करने की मांग
विपक्षी नेता ने मांग की है कि महासभा का लाइव प्रसारण तुरंत फिर से शुरू किया जाए। उनका मानना है कि इससे प्रशासन की जवाबदेही बढ़ेगी और लोग अपने घरों में बैठकर अपने प्रतिनिधियों के कामकाज को आसानी से देख सकेंगे। मनोज पाटिल ने बताया कि राज्य की कई बड़ी महापालिकाओं में महासभाओं का लाइव प्रसारण नियमित रूप से किया जाता है। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर शहर की राजनीति में बहस जारी है।





