मुंबई/वसई। वसई तालुका में पिछले एक सप्ताह से जारी गंभीर बिजली संकट का मुद्दा सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में जोरदार तरीके से उठा। वसई की विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने अपने क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती, बार-बार ट्रिपिंग और ट्रांसफॉर्मर फटने की खतरनाक घटनाओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया और तत्काल स्थायी समाधान की मांग की।
बारिश के बीच ट्रांसफॉर्मर विस्फोट से लोग घायल
विधायक ने सदन में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि बारिश का मौसम शुरू होने के बाद से खोपवाड़ी, माणिकपुर, साईनगर और पाचूबंदर समेत कई इलाकों में ट्रांसफॉर्मर फटने की घटनाएं सामने आई हैं। इन दुर्घटनाओं में महावितरण के कर्मचारियों सहित कई आम नागरिक भी घायल हुए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष है।
उद्योगों को हो रहा भारी आर्थिक नुकसान
बिजली की समस्या का असर केवल आम नागरिकों पर ही नहीं, बल्कि उद्योगों पर भी पड़ रहा है। विधायक ने बताया कि पोमण औद्योगिक क्षेत्र में तो हालत इतनी खराब है कि एक ही दिन में 22 बार बिजली ट्रिप हो रही है। इस बार-बार की ट्रिपिंग से लघु एवं मध्यम उद्योगों का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
जर्जर लाइनों और ओवरलोड ट्रांसफॉर्मरों को तुरंत बदलने की मांग
स्नेहा दुबे पंडित ने महावितरण की बिजली वितरण व्यवस्था में रखरखाव की भारी कमी को इस संकट के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र की जर्जर विद्युत लाइनों और ओवरलोड ट्रांसफॉर्मरों को तत्काल प्रभाव से बदला जाए। इसके लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराई जाए और बिजली व्यवस्था को युद्धस्तर पर मजबूत किया जाए।
विधायक ने अंत में कहा कि वसई के नागरिकों, व्यापारियों और उद्योगों को निर्बाध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार को बिना देरी किए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।





