वसई/पालघर: मॉनसून और छुट्टियों के सीजन में समुद्र तटों (Beaches) और पर्यटन स्थलों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पालघर पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) 2023 की धारा 163 के तहत पूरे जिले के पर्यटन स्थलों पर ‘मनाई आदेश’ (निषेधाज्ञा) लागू कर दिया है। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य हादसों पर लगाम लगाना और लोगों की जान-माल की रक्षा करना है।
इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध: सेल्फी के चक्कर में जोखिम लिया तो खैर नहीं
पुलिस प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार, अब समुद्र तटों और खतरनाक पर्यटन स्थलों पर निम्नलिखित गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक रहेगी:
- समुद्र के गहरे पानी में उतरना या तैरने का प्रयास करना।
- खतरनाक चट्टानों, ऊंचे किनारों या ढलानों पर बैठना और चढ़ना।
- जोखिम भरी जगहों पर सेल्फी या रील्स बनाना।
- सुरक्षा के लिए लगाए गए चेतावनी बोर्डों और गाइडलाइंस की अनदेखी करना।
- शराब या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन करके समुद्र में उतरना।
- सुरक्षाकर्मियों, लाइफगार्ड्स और पुलिस के निर्देशों का उल्लंघन करना।
इसके साथ ही समुद्र तटों पर गंदगी फैलाने, प्लास्टिक कचरा फेंकने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर भी पूरी तरह बैन लगा दिया गया है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
पालघर पुलिस ने स्थानीय नागरिकों और बाहर से आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखें और इन नियमों का सख्ती से पालन करें। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 और अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।











