ठाणे-पालघर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा समर्थित खेमे को स्पष्ट सफलता मिली है। इस चुनाव में अरुण पाटिल ने अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया है, जबकि भाग्यश्री भोईर उपाध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध चुनी गई हैं।
अरुण पाटिल ने 14 मतों से बाजी मारी
अध्यक्ष पद के लिए मुख्य मुकाबला भाजपा समर्थित अरुण पाटिल और बहुजन विकास आघाड़ी (बविआ) समर्थित मनीष राजन पाटिल के बीच था। आकाश बाबाजी पाटिल द्वारा अपना नामांकन वापस लेने के बाद यह सीधा द्वंद्व रह गया। मतदान के दौरान अरुण पाटिल ने मनीष राजन पाटिल को 14 मतों के अंतर से हरा दिया। मनीष राजन पाटिल बैंक के निवर्तमान अध्यक्ष राजन पाटिल के पुत्र हैं और उन्हें बविआ नेता हितेंद्र ठाकुर का करीबी माना जाता है। इस परिणाम को बविआ के लिए राजनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण झटका माना जा रहा है।
रवींद्र चव्हाण की रणनीति रही सफल
इस चुनावी जीत के पीछे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की रणनीति को प्रमुखता से देखा जा रहा है। रवींद्र चव्हाण ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि विभिन्न पैनलों से चुनकर आए भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) समर्थित निदेशकों के आधार पर महायुति के पास स्पष्ट बहुमत है। उनकी इसी रणनीतिक योजना के तहत अब बैंक का प्रशासन महायुति के हाथों में आ गया है।
21 निदेशकों वाले चुनाव का गणित
गौरतलब है कि 27 जून को संपन्न हुए बैंक चुनावों में कुल 21 निदेशकों का चयन किया गया था। इनमें सहकार पैनल को 15, परिवर्तन पैनल को 5 और एक निर्दलीय उम्मीदवार को सफलता मिली थी। हालांकि, भाजपा का दावा था कि दोनों प्रमुख पैनलों में उनके और शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार शामिल थे। इस दावे के अनुसार महायुति के पास 13 निदेशकों का बहुमत था। अध्यक्ष पद पर अरुण पाटिल की यह जीत उसी बहुमत के दावे को सही साबित करती है।




