पालघर: पालघर जिला नियोजन समिति (DPDC) की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट में संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता पालकमंत्री एवं वन मंत्री गणेश नाईक ने की। बैठक के दौरान वसई विधानसभा क्षेत्र की विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों को बेहद प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आम जनता को हो रही परेशानियों को रेखांकित करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों से इन समस्याओं पर तुरंत और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

बिजली संकट से निपटने के लिए ₹25.92 करोड़ की मांग
वसई में लगातार बढ़ती बिजली की मांग और लोड शेडिंग की समस्या को देखते हुए विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्र में 40 नए 315 केवी (KV) ट्रांसफॉर्मर लगाने और पहले से मौजूद 100 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने (कैपेसिटी अपग्रेडेशन) के लिए लगभग ₹25.92 करोड़ का फंड मंजूर करने की पुरजोर मांग की।

इसके साथ ही उन्होंने बिजली बुनियादी ढांचे में अड़चन पैदा करने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। विधायक ने उन बिल्डरों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की जो ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए निर्धारित जमीन उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। उन्होंने सतपाले में लंबित 22 केवी उपकेंद्र (Substation) के प्रस्ताव को भी जल्द से जल्द मंजूरी देने की बात कही।

स्वास्थ्य सुविधाओं और बाढ़ नियंत्रण पर कड़ा रुख
क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए विधायक ने नवघर में प्रस्तावित 100 बेड के उप-जिला अस्पताल का मुद्दा उठाया। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए इस प्रस्ताव को तत्काल राज्य शासन के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजने का निर्देश दिया।

इसके अलावा, हाल ही में वसई-नायगांव में हुए भारी जलभराव (Waterlogging) को लेकर उन्होंने मैंग्रोव (कांदळवन) हटाने के प्रस्ताव में हो रही प्रशासनिक देरी को मुख्य वजह बताया। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बाढ़ नियंत्रण के लिए भविष्य में ऐसे विलंब से बचा जाए और तुरंत उचित कदम उठाए जाएं।
व्यापारियों को राहत और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास
बैठक में विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश से नुकसान झेलने वाले स्थानीय व्यापारियों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने वसई के विकास के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी सामने रखे:
- ठोस कचरा प्रबंधन: वसई के ग्रामीण इलाकों के लिए आधुनिक और वैज्ञानिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम लागू करना।
- बावखळ संरक्षण: ऐतिहासिक बावखळ संरक्षण परियोजना के लिए जिला नियोजन समिति (DPDC) से विशेष निधि का आवंटन।
- परिवहन सुविधा: वसई-नवघर एसटी (ST) डिपो के काम में तेजी लाना।
- शिक्षा: कामण क्षेत्र में छात्रों की सुविधा के लिए जल्द से जल्द एक जूनियर कॉलेज की शुरुआत करना।
- जल जीवन मिशन: क्षेत्र में पीने के पानी की योजनाओं की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ एक अलग और विस्तृत बैठक आयोजित करना।
विधायक का वक्तव्य: “वसई के नागरिकों को बेहतर बिजली, उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं, साफ-सफाई और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए शासन और प्रशासन के स्तर पर मेरा निरंतर प्रयास जारी रहेगा।”
इस उच्च स्तरीय बैठक में सांसद डॉ. हेमंत सवरा, क्षेत्र के विभिन्न विधायक, जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़, वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) के आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद थे।




