नालासोपारा:
वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में हजारों छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। धर्मराज कामगार संघटना के अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह सोमवंशी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन भेजा है। इस ज्ञापन के जरिए उन्होंने क्षेत्र की सभी स्कूल इमारतों का तत्काल ‘स्ट्रक्चरल ऑडिट’ कराने और जर्जर हो चुकीं खतरनाक इमारतों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने मनपा अधिकारियों से आम जनता की मुलाकात को सुगम बनाने का मुद्दा भी उठाया है।
मासूमों की जान जोखिम में, ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
सोमवंशी ने ज्ञापन में चिंता जताते हुए कहा कि वसई-विरार क्षेत्र में कई स्कूल इमारतें बेहद पुरानी और जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा इनका नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट नहीं कराया गया है।
हैरानी की बात यह है कि ये इमारतें किस श्रेणी (C-1, C-2 आदि) की खतरनाक लिस्ट में आती हैं, इसकी कोई अपडेटेड जानकारी भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मानसून या किसी अन्य आपदा के वक्त कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है, जिससे हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ की जान को सीधा खतरा है।
“प्रशासन को तुरंत जागना होगा। हमारी मांग है कि मनपा आयुक्त को निर्देश देकर सभी स्कूलों का अधिकृत स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाए, खतरनाक इमारतों पर नियमानुसार कार्रवाई हो और ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए ताकि अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हो सकें।”
— शिव प्रताप सिंह सोमवंशी, अध्यक्ष (धर्मराज कामगार संघटना)
अधिकारियों की ‘नो-एंट्री’ पर भी उठाए सवाल, पारदर्शी प्रशासन की मांग
ज्ञापन में स्कूलों की सुरक्षा के अलावा आम जनता से जुड़े एक और गंभीर प्रशासनिक मुद्दे को रेखांकित किया गया है। सोमवंशी ने बताया कि वसई-विरार महानगरपालिका के कई बड़े अधिकारी आम नागरिकों से सीधे मुलाकात करने से कतराते हैं।
कार्यालयों में सुरक्षाकर्मियों द्वारा एंट्री को इस कदर सीमित कर दिया गया है कि आम लोगों की शिकायतें और आवेदन सही समय पर संबंधित अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाते। इससे नागरिकों को मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ती है। संघटना ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रशासन को पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए अधिकारियों से मुलाकात की प्रक्रिया को आसान और समयबद्ध किया जाए।




