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वसई-विरार मनपा के 300 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों की चेतावनी: ‘काम बंद नहीं, भूख हड़ताल’ का ऐलान |

July 19, 2026 9:51 AM
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वसई-विरार: वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) के स्वास्थ्य विभाग में एक बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मनपा के 300 से अधिक स्थायी और ठेका पद्धति पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों (जिनमें ANM, GNM, फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ शामिल हैं) ने अपने अधिकारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाने का फैसला किया है। अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रशासन के उदासीन रवैये से नाराज इन कर्मचारियों ने आगामी 24 जुलाई 2026 से “काम बंद नहीं, भूख हड़ताल” (Non-Stop Work With Hunger) आंदोलन शुरू करने की आधिकारिक घोषणा की है।

स्वास्थ्य सेवाएं बाधित किए बिना जताएंगे विरोध

इस आंदोलन की सबसे खास बात यह है कि कर्मचारियों ने जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए काम रोकने से इनकार किया है। वे अपनी नियमित ड्यूटी पूरी निष्ठा के साथ करते रहेंगे, लेकिन साथ ही अपनी मांगों के समर्थन में भूख हड़ताल पर भी बैठेंगे। कर्मचारियों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि मनपा प्रशासन ने उनकी जायज मांगों पर शीघ्र ही कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन

कर्मचारियों का गंभीर आरोप है कि वे वर्षों से मनपा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन समान कार्य करने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों की तुलना में बेहद कम वेतन दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, यह भेदभाव भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और 39(डी) (समान कार्य के लिए समान वेतन) के साथ-साथ सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ‘स्टेट ऑफ पंजाब बनाम जगजीत सिंह (2017)’ मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले का सीधा-सीधा उल्लंघन है।

वेतन विसंगति और 79 लाख रुपये के पीएफ का मामला

प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों ने अपने आर्थिक शोषण का दर्द बयां किया है। ज्ञापन के अनुसार, वर्ष 2017 से लेकर अब तक उनकी वेतन वृद्धि और बकाया राशि (एरियर) का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा, एक और चौंकाने वाला आरोप यह लगाया गया है कि कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) खाते से कथित रूप से लगभग 79 लाख रुपये की बड़ी राशि काट ली गई है, जो अब तक उन्हें वापस नहीं मिली है।

कर्मचारियों की 4 प्रमुख मांगें:

स्वास्थ्य कर्मचारियों ने आंदोलन की राह पर आगे बढ़ते हुए प्रशासन के सामने निम्नलिखित मुख्य मांगें रखी हैं:

  1. समान काम के लिए समान वेतन: सभी ठेका और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित स्टाफ के बराबर वेतन दिया जाए।
  2. एरियर का भुगतान: अप्रैल 2017 से अब तक के वेतन के अंतर की बकाया राशि को ब्याज सहित जारी किया जाए।
  3. पीएफ राशि की वापसी: कर्मचारियों के पीएफ खातों से काटी गई करीब 79 लाख रुपये की राशि तुरंत लौटाई जाए।
  4. न्यूनतम वेतन कानून: न्यूनतम वेतन कानून के नियमों के अनुरूप ही नई पारदर्शी वेतन संरचना (Salary Structure) लागू की जाए।

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