विरार:
विरार पश्चिम के कोफराड क्षेत्र में मुख्य सड़क के पास स्थित कीमती जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। धोखाधड़ी के इस मामले में अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी कुलमुख्त्यारनामा (Power of Attorney), जाली हस्ताक्षर और महसूल रिकॉर्ड में बड़ी हेरफेर करके करीब ₹13 लाख 50 हजार की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
यह शिकायत नंदाखाल (वसई) निवासी डॉ. जॉय बॉप्टिस्ट रॉड्रिग्ज (43) द्वारा दर्ज कराई गई है।
मृत व्यक्ति के जाली हस्ताक्षर से खेल का आरोप
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, आरोपी फ्रांसिस थॉमस (टॉम) रॉड्रिग्ज (75) और मारिया फ्रांसिस रॉड्रिग्ज (70) ने मिलकर शिकायतकर्ता के दिवंगत दादा एलेक्स सालू लुद्रीक रॉड्रिग्ज के नाम से 13 मई 1998 का एक फर्जी कुलमुख्त्यारनामा तैयार किया।
इस दस्तावेज के आधार पर कोफराड स्थित सर्वे नंबर 115/1A की 42.50 गुंठे जमीन में से 21.25 गुंठे जमीन का ‘कन्वेन्स डीड’ उपनिबंधक कार्यालय (Sub-Registrar Office) में दर्ज करा लिया गया।
मौत के 4 साल बाद भी कर दिए हस्ताक्षर!
मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा महसूल रिकॉर्ड में हेरफेर को लेकर हुआ है:
- दिवंगत संपत्ति मालिक: एलेक्स रॉड्रिग्ज का निधन 15 मई 2001 को ही हो चुका था।
- फर्जी फेरफार: इसके बावजूद 5 जुलाई 2005 की फेरफार (Mutation Entry) नोटिस पर उनके जाली दस्तखत किए गए।
- नाम ट्रांसफर: 7 अगस्त 2005 को इसी फर्जीवाड़े के दम पर फेरफार मंजूर कराकर जमीन आरोपी फ्रांसिस रॉड्रिग्ज के नाम ट्रांसफर करा ली गई।
कागजों में ₹13.5 लाख का भुगतान दर्शाया गया, लेकिन असल में यह राशि न तो स्वर्गीय एलेक्स को मिली और न ही उनके कानूनी वारिसों को दी गई।
आर्थिक अपराध शाखा (EOW) कर रही जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के मार्गदर्शन में शुरू कर दी गई है। अर्नाला सागरी पुलिस और जांच एजेंसियां संबंधित उपनिबंधक कार्यालय के रजिस्टर्ड दस्तावेजों, फेरफार पन्नों और वित्तीय लेन-देन की गहनता से पड़ताल कर रही हैं।






