विरार: डिजिटल युग में घर बैठे कमाई (Part-Time Job) का लालच देकर लोगों को चपत लगाने वाले साइबर ठगों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। विरार पूर्व में वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर एक 26 वर्षीय युवक से ₹8,01,800 की भारी-भरकम ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर विरार पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर साइबर जांच शुरू कर दी है।
टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा, फिर टॉस्क के नाम पर ऐंठे लाख रुपये
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित आदित्य सुधाकर भालेराव (26), विरार पूर्व के साईं बाबा/नाना-नानी पार्क स्थित स्वामी समर्थ कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के निवासी हैं। अज्ञात ठगों ने उन्हें टेलीग्राम (Telegram) के एक कथित ‘वर्क फ्रॉम होम’ ग्रुप में जोड़ा।
शुरुआत में आसान काम और मोटा मुनाफा (Profit) कमाने का लालच देकर ठगों ने उनका भरोसा जीता। इसके बाद 27 जनवरी 2026 से 30 जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग टॉस्क पूरे करने और रीचार्ज कराने के नाम पर पीड़ित से विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹8,01,800 ट्रांसफर करवा लिए।
न मुनाफा मिला, न मूल रकम
जब पीड़ित ने अपना कमीशन और जमा की गई रकम वापस निकालने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने और पैसों की मांग शुरू कर दी। कोई भी रिटर्न न मिलने और अकाउंट ब्लॉक होने के बाद युवक को अपने साथ हुई साइबर धोखाधड़ी का अहसास हुआ।
विरार पुलिस की कार्रवाई और अलर्ट
पीड़ित की शिकायत पर विरार पुलिस ने टेलीग्राम ग्रुप के अज्ञात एडमिन और संबंधित बैंक खाताधारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है। साइबर सेल की मदद से ठगी में इस्तेमाल किए गए टेलीग्राम आईडी और बैंक खातों के वित्तीय लेन-देन की डिटेल्स निकाली जा रही हैं।
विरार पुलिस की नागरिकों से अपील:
- सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप या टेलीग्राम पर पार्ट-टाइम जॉब या ‘वर्क फ्रॉम होम’ के नाम पर आने वाले अनजान ऑफर्स पर बिल्कुल भरोसा न करें।
- किसी भी काम के बदले पहले पैसे जमा करने (Pre-payment) को कहे जाने पर सतर्क हो जाएं, यह ठगी का सबसे बड़ा संकेत है।
- साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।








