पालघर:
पालघर जिले के तटीय क्षेत्रों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पालघर लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. हेमंत विष्णु सवरा ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार मुलाकात कर जिले की तटीय सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता और शीघ्र मंजूरी प्रदान करने का आग्रह किया है। सांसद ने इस संदर्भ में 29 जुलाई को गृह मंत्री को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा।
110 किमी लंबी तटरेखा पर चक्रवात और कटाव का खतरा

सांसद डॉ. हेमंत सवरा ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि पालघर जिले की लगभग 110 किलोमीटर लंबी विस्तृत समुद्री तटरेखा प्रतिवर्ष प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में आती है। चक्रवाती तूफानों, समुद्र के बढ़ते जलस्तर, तेज कटाव और ऊंची तूफानी लहरों के कारण तटीय इलाकों के घर, कृषि भूमि, बाग-बगीचे, सार्वजनिक सड़कें और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचता है। इसके चलते तटीय क्षेत्रों में निवास करने वाले हजारों मछुआरा परिवारों की आजीविका और सुरक्षा पर लगातार संकट मंडराता रहता है।
पालघर और डहाणू में 13 सुरक्षा दीवार परियोजनाओं का खाका
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत आपदा न्यूनीकरण योजना (Disaster Mitigation Scheme) के अंतर्गत पालघर और डहाणू तहसीलों में कुल 13 समुद्री सुरक्षा दीवारों के निर्माण का एक व्यापक प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा है। इन सभी प्रस्तावित सुरक्षा दीवार परियोजनाओं की अनुमानित लागत 122.26 करोड़ रुपये है।
आपदाओं से बचाव के लिए केंद्रीय निधि जारी करने की अपील
सांसद सवरा ने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया है कि तटीय गांवों और वहां के निवासियों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द हरी झंडी दी जाए और आवश्यक धनराशि जारी की जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन सुरक्षा दीवारों का निर्माण कार्य पूरा होने से पालघर के मछुआरों और तटीय आबादी को समुद्री कटाव व प्राकृतिक आपदाओं के स्थायी डर से राहत मिलेगी।











