विरार: विरार के महाडा रोड स्थित महावितरण (MSEDCL) कार्यालय के बाहर ‘जन बिजली अधिकार आंदोलन’ बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी पूरे उफान पर रहा। स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्य प्रक्रिया और अचानक बढ़े हुए बिजली बिलों के खिलाफ स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिशनिधियों ने उग्र प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया।
बिजली बिलों में अचानक उछाल से बढ़ा आर्थिक बोझ
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि जब से क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, तब से आम उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें:
- बढ़ते बिजली बिलों पर तुरंत रोक लगाई जाए।
- उपभोक्ताओं पर जबरन स्मार्ट मीटर थोपना बंद हो।
- तकनीकी खामियों और शिकायतों का पारदर्शी समाधान किया जाए।
MSEDCL अधिकारी के बयान पर भड़के प्रदर्शनकारी
आंदोलन के दौरान MSEDCL अधिकारी रविंद्र कुमार तायडे के उस बयान का पुरजोर विरोध किया गया, जिसमें उन्होंने स्मार्ट मीटर को ‘अनिवार्य’ बताया था। आंदोलनकारियों ने इसे भ्रामक जानकारी करार देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद स्पष्ट कर चुके हैं कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं हैं।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
कांग्रेस जिला महासचिव सोहेल खान ने आंदोलन की अगुवाई करते हुए चेतावनी दी कि जब तक प्रशासन लिखित और ठोस फैसला नहीं लेता, तब तक यह प्रदर्शन और तेज किया जाएगा। इस आंदोलन को कांग्रेस जिला कार्याध्यक्ष रामदास वाघमारे, यूथ कांग्रेस जिला महासचिव सत्येशु सिंह, उपाध्यक्ष अशरफ अली और सामाजिक कार्यकर्ता रवि भूषण का भी मजबूत समर्थन मिला है।








