पालघर जिले के विरार शहर में महावितरण (MSEDCL) द्वारा लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटरों के विरोध में शुरू हुआ कांग्रेस पार्टी का ‘जन बिजली अधिकार आंदोलन’ अब और अधिक उग्र रूप लेता जा रहा है। आंदोलन के आठवें दिन यह प्रदर्शन अपने दूसरे चरण में प्रवेश कर गया, जहां सेक्युलर महामोर्चा के संस्थापक रवि भूषण ने एक दिवसीय उपवास रखकर आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
कांग्रेस नेता सोहेल नदीम खान की अगुवाई में छिड़ा आंदोलन

उल्लेखनीय है कि वसई-विरार कांग्रेस कमेटी के जिला महासचिव सोहेल नदीम खान के नेतृत्व में इस आंदोलन का आगाज किया गया है। स्मार्ट मीटरों के कारण बढ़ रहे बिजली बिलों और कथित अनियमितताओं से परेशान आम जनता का इस मुहिम को लगातार व्यापक समर्थन मिल रहा है। अनशन स्थल पर पहुंचे रवि भूषण ने कड़े शब्दों में मांग रखी कि “उपभोक्ता की सहमति नहीं तो स्मार्ट मीटर नहीं।”
आंदोलन स्थल बना ‘जनता दरबार’
प्रदर्शन स्थल अब महज धरना स्थल न रहकर एक ‘जनता दरबार’ का रूप ले चुका है। रोजाना बड़ी संख्या में पीड़ित नागरिक यहां पहुंचकर महावितरण (MSEDCL) से जुड़ी अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता न केवल लोगों की शिकायतें दर्ज कर रहे हैं, बल्कि नागरिक लिखित रूप से पत्र सौंपकर इस आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता भी जता रहे हैं।
पूरे वसई-विरार बेल्ट में जन आक्रोश फैलने के आसार
विरार से शुरू हुई इस विरोध प्रदर्शन की लहर जल्द ही पूरे नालासोपारा, वसई और नायगांव क्षेत्रों में फैलने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों का गुस्सा जिस तरह सड़कों पर देखने को मिल रहा है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा एक बड़े जन आंदोलन का रूप अख्तियार कर सकता है।








