पालघर:
वर्ष 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले पालघर तालुका के पांच वीर स्वतंत्रता सेनानियों को आज भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। पालघर स्थित ऐतिहासिक हुतात्मा स्तंभ परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में उपस्थित जनसैलाब और प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया।

इन 5 अमर सपूतों ने दिया था सर्वोच्च बलिदान
सन 1942 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसी दिन देश की आज़ादी के लिए लड़ते हुए पालघर के पांच शूरवीरों को वीरगति प्राप्त हुई थी:

- काशिनाथ हरी पागधरे (सातपाटी)
- गोविंद गणेश ठाकुर (नांदगांव)
- रामप्रसाद भीमाशंकर तिवारी (पालघर)
- सकूर गोविंद मोरे (सालवड)
- रामचंद्र महादेव चूरी (मुरबे)
शहीदों की स्मृति में बाजार रहे पूर्णतः बंद

अमर शहीदों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए आज पालघर शहर की सभी प्रमुख बाजारपेठें पूर्ण रूप से बंद रखी गईं। दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर देश के इन वीर बेटों को श्रद्धांजलि दी।
दिग्गज नेताओं और अधिकारियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

हुतात्मा चौक पर आयोजित इस भव्य श्रद्धांजलि सभा में जनप्रतिनिधियों, पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों की भारी मौजूदगी रही:
- जनप्रतिनिधि: सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक राजेंद्र गावित, पालघर नगराध्यक्ष उत्तम घरत।
- प्रशासनिक अधिकारी: जिलाधिकारी डॉ. इंदू राणी जाखड़, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख।
- विशेष उपस्थिति: शहीदों के परिजन, विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं।

इस अवसर पर वक्ताओं ने शहीदों की वीरता और देशभक्ति को नमन करते हुए कहा कि इन पांचों स्वतंत्रता सेनानियों का अमूल्य योगदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।











