वसई-विरार:
शहर में जर्जर सड़कों, पानी की किल्लत, बढ़ते प्रॉपर्टी टैक्स और अनियंत्रित निर्माण कार्यों के खिलाफ नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। शुक्रवार को ‘वसई जनशक्ति आघाड़ी’ के बैनर तले सैकड़ों नागरिकों ने वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) मुख्यालय के बाहर उग्र प्रदर्शन किया। मूसलाधार बारिश और कड़क धूप की परवाह किए बिना बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। इस जन-आंदोलन को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का भी पुरजोर समर्थन मिला।
सड़क, पानी और कर वृद्धि पर मनपा प्रशासन घेरा
प्रदर्शनकारियों ने महानगरपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शहर की प्रमुख समस्याओं को प्रमुखता से रेखांकित किया:
- सड़कों की बदहाली: जगह-जगह सड़क खुदाई और अधूरे पड़े निर्माण कार्यों से हादसों का खतरा बढ़ा है और लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
- पेयजल संकट: कई इलाकों में हफ़्तों से पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जबकि कई जगह दूषित पानी पीने को नागरिक मजबूर हैं।
- भारी-भरकम टैक्स: मनपा प्रशासन द्वारा विभिन्न करों (टैक्स) में की गई बढ़ोतरी पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा गया कि जनता से तो मोटा टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन बदले में बुनियादी सुविधाएं शून्य हैं।
अवैध निर्माण और पर्यावरण संरक्षण की गूंज
“बढ़े हुए FSI के दम पर वसई क्षेत्र में गगनचुंबी इमारतें खड़ी की जा रही हैं। इस अनियंत्रित कंक्रीटीकरण से शहर का प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।”
— आंदोलनकारी (वसई जनशक्ति आघाड़ी)
प्रदर्शन के दौरान भूमिपट्टे और सीसी-ओसी (CC/OC) से जुड़ी जटिल समस्याओं को भी तुरंत सुलझाने की मांग की गई, ताकि आम घर खरीदारों को राहत मिल सके।
अल्टीमेटम: समयबद्ध समाधान की मांग
आंदोलनकारियों ने चेतावनी देते हुए मनपा आयुक्त और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि नागरिकों की इन वाजिब समस्याओं का बिना किसी देरी के समयबद्ध समाधान किया जाए। यदि प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा।








