महाराष्ट्र के पालघर से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने महावितरण के एक वायरमैन को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मचारी ने एक उपभोक्ता के बिजली बिल को कम करने (सेट करने) के नाम पर 8 हजार रुपये की मांग की थी।
मीटर जांच के नाम पर रिश्वत का खेल पालघर एसीबी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रदीप सुभाष महाजन (32) के रूप में हुई है, जो महावितरण में वायरमैन (कनिष्ठ तकनीशियन) के पद पर तैनात है। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता के घर का बिजली मीटर जांचने के बाद भारी-भरकम बिल को कम करने या मामला निपटाने के एवज में 8 हजार रुपये घूस मांगी थी।
एसीबी का बिछाया जाल, रंगेहाथ दबोचा रिश्वतखोरी से परेशान शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत पालघर एसीबी से कर दी। एसीबी की टीम ने 19 अगस्त को शिकायत का सत्यापन किया और रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर जाल बिछाया। गुरुवार, 20 अगस्त को खारेकुरण के मिठागर रोड पर जैसे ही आरोपी प्रदीप महाजन ने 5 हजार रुपये की पहली किश्त स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज इस सफल कार्रवाई को पुलिस निरीक्षक राकेश डोंगे के नेतृत्व में अंजाम दिया गया, जिसमें पुलिस उपअधीक्षक दादाराम कोंड्रे और पुलिस अधीक्षक शिवराज पाटील का मार्गदर्शन रहा। आरोपी के खिलाफ पालघर पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। एसीबी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगे, तो तुरंत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सूचित करें।











