नालासोपारा: नालासोपारा पूर्व के आचोले क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब बहुमंजिला ‘रोशनी अपार्टमेंट’ की पहली और दूसरी मंजिल की बालकनी का स्लैब अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। दूसरी मंजिल का स्लैब टूटकर सीधे पहली मंजिल की बालकनी पर आ गिरा, जिससे दोनों मंजिलों के छज्जे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

टला बड़ा हादसा, कोई हताहत नहीं हादसे के समय गनीमत यह रही कि बालकनी के नीचे कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक भयानक जनहानि होने से टल गई। घटना की भयंकर आवाज़ सुनते ही इमारत में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए पूरी इमारत के सभी 55 फ्लैटों को खाली करा लिया है और निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

दमकल विभाग और पुलिस मौके पर मुस्तैद हादसे की जानकारी मिलते ही वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVMC) का अग्निशमन दल और आचोले पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और दमकलकर्मियों ने इलाके को बैरिकेड कर सुरक्षा घेरा बनाया और मलबे का निरीक्षण किया। फिलहाल इमारत के ढांचागत निरीक्षण (Structural Audit) और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।

प्रशासनिक सुस्ती पर भड़के स्थानीय नगरसेवक इस घटना ने एक बार फिर जर्जर इमारतों की सुरक्षा और मनपा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना स्थल पर पहुंचे स्थानीय नगरसेवक विशाल पाटील ने वसई-विरार महानगरपालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया।

नगरसेवक विशाल पाटील ने कहा, “यदि मनपा प्रशासन समय रहते खतरनाक एवं अति-जर्जर इमारतों का सर्वे कर उन्हें नोटिस जारी करता और खाली कराने की ठोस कार्रवाई करता, तो ऐसी खतरनाक नौबत ही नहीं आती। यह ईश्वर की कृपा है कि इस हादसे में किसी मासूम की जान नहीं गई।”
हादसे के बाद से ही क्षेत्र के निवासियों में अपनी इमारतों की मजबूती और प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली को लेकर गहरी चिंता और रोष व्याप्त है।










