पालघर: जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते प्रमुख जलाशयों और बांधों में पानी का स्तर रिकॉर्ड तेजी से बढ़ा है। सिंचाई विभाग द्वारा 20 जुलाई 2026 की सुबह 7 बजे जारी ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, पालघर के कई मुख्य बांध अपनी कुल जल भंडारण क्षमता के 100 प्रतिशत के आंकड़े को छू चुके हैं। इससे आगामी समय में पीने के पानी और सिंचाई की समस्या से बड़ी राहत मिलना तय माना जा रहा है।
कई जलाशय पूरी तरह ओवरफ्लो, सूर्या परियोजना में भी बढ़ा जलस्तर
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मनोर, देवखोप, खांड और माहिम जलाशय पूरी तरह से (100%) भर चुके हैं। वहीं जिले की सबसे प्रमुख सूर्या परियोजना में भी पानी का संग्रह तेजी से बढ़ रहा है। जिले की अन्य मध्यम और लघु सिंचाई परियोजनाओं में भी जलस्तर बेहद संतोषजनक स्थिति में पहुंच गया है।
तटीय इलाकों के लिए चेतावनी, प्रशासन ने की सतर्क रहने की अपील
लगातार हो रही बारिश और जलाशयों में पानी की भारी आवक को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रशासन ने बांधों और नदियों के निचले व तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
प्रशासनिक चेतावनी: यदि जलस्तर सुरक्षा सीमा से ऊपर जाता है, तो बांधों के दरवाजे खोलकर नियंत्रित तरीके से पानी नदी में छोड़ा जा सकता है। इसलिए लोग नदियों के करीब जाने से बचें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
किसानों और आम जनता को मिली बड़ी राहत
समय पर जलाशयों के लबालब भरने से जहां एक ओर किसानों के चेहरे खिल गए हैं और खरीफ फसलों की सिंचाई को बल मिला है, वहीं दूसरी ओर पेयजल आपूर्ति की चिंता भी दूर हो गई है। सिंचाई विभाग की टीमें सभी बांधों पर जलस्तर और सुरक्षा की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं।




