नालासोपारा क्षेत्र में आम जनता की समस्याओं के समाधान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा सड़क पर उतरकर संघर्ष करने वाले वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता रामदास वाघमारे को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। दिल्ली स्थित कांग्रेस आलाकमान द्वारा उन्हें विरार शहर जिला कांग्रेस (अनुसूचित जाति विभाग) का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस घोषणा के बाद से स्थानीय सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
आंदोलनों से बनाई अपनी पहचान रामदास वाघमारे केवल बयानों तक सीमित रहने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वे धरातल पर उतरकर काम करने के लिए जाने जाते हैं। जनसमस्याओं की अनदेखी होने पर वे प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने से पीछे नहीं हटते। महानगरपालिका कार्यालय में ताला जड़ने जैसे तीव्र लोकतांत्रिक और संवैधानिक आंदोलनों के जरिए उन्होंने कई बार सोए हुए प्रशासन को जगाया है। नगर निगम में पारदर्शिता, मूलभूत सुविधाएं, चर्मकार समाज के गटई कामगारों को लाइसेंस दिलाने, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पानी और स्वच्छता जैसे जनहित के मुद्दों पर वे लगातार संघर्ष करते रहे हैं।
वंचितों को संवैधानिक अधिकार दिलाना मुख्य लक्ष्य नई जिम्मेदारी मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए रामदास वाघमारे ने कहा कि यह पद सत्ता का प्रतीक नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम है। उनका उद्देश्य भारतीय संविधान, सामाजिक न्याय और समानता को केंद्र में रखकर अनुसूचित जाति समाज को सशक्त बनाना है। उन्होंने इस नियुक्ति के लिए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिरुद्ध बनकर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सिद्धार्थभाऊ हत्तीअंबीरे, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष गणेश पाटील, महासचिव डॉ. जितेंद्रभाऊ देहाडे और प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व शिक्षा सभापति नंदकुमार मोरे का आभार जताया।










